दिल्ली की जल मंत्री सीवर समस्याओं के मुद्दों पर जांच के आदेश देंगी
प्रीति मनीषा
- 15 Mar 2024, 05:46 PM
- Updated: 05:46 PM
नयी दिल्ली, 15 मार्च (भाषा) दिल्ली सरकार में जल मंत्री आतिशी ने शुक्रवार को कहा कि वह आठ महीने से लंबित सीवर संबंधी मामलों के जांच के आदेश देंगी और इसके पीछे जवाबदेही तय करेंगी।
दिल्ली विधानसभा में उन्होंने पानी और सीवर की समस्या के मुद्दों पर कहा कि ऐसे मुद्दे कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान भी नहीं आए थे। उन्होंने कहा, ''ऐसा बहुत कम होता है कि पानी के मुद्दे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष एकमत हों और हर कोई समाधान चाहता हो।''
आतिशी ने आगे कहा, ''पिछले एक सप्ताह में सीवर की समस्या से निपटने के लिए कई कार्य किए गए। यदि उनका समाधान चार-पांच दिन में हो सकता था तो ये मुद्दे इतने समय तक अनसुलझे क्यों रहे ? यह जांच का विषय है।''
मंत्री ने कहा कि वह इस मामले की जांच के लिए निर्देश जारी करेंगी। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि इस समस्या से निपटने में दिल्ली जल बोर्ड, शहरी विकास विभाग और वित्त विभाग के बीच समन्वय की कमी है।
उन्होंने कहा, ''दिल्ली के इतिहास में पिछले एक साल में जितनी समस्याएं पैदा हुईं, उतनी पहले कभी नहीं हुई थीं। कभी-कभी सीवर मशीनें नहीं होती हैं तो कभी सड़क के ठीक बीच में पाइपलाइन फट जाती है या पाइपलाइन में लीकेज हो जाता है। दिल्ली में पानी और सीवर से संबंधित मुद्दों का समाधान हमेशा एक कठिन काम रहा है।"
जल मंत्री ने कहा, ''इन समस्याओं में दिल्ली जल बोर्ड, शहरी विकास और वित्त विभाग के बीच की गलतियां खुलकर सामने आई हैं लेकिन उनकी गलतियों का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इस सदन में बैठे सभी लोगों को करदाताओं के पैसे से वेतन मिलता है लेकिन फिर भी दिल्ली के लोग परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इसकी जांच की जरूरत है और उसके बाद एक श्वेत पत्र भी लाया जाएगा।"
मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि इन समस्याओं में सभी की जवाबदेही तय की जाएगी, चाहे वह डीजेबी सदस्य हों या अन्य विभागों के अधिकारी हों।
उन्होंने विधानसभा को यह भी बताया कि उन्होंने दिल्ली को पानी जारी करने के लिए हिमाचल प्रदेश के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। ‘‘लेकिन हरियाणा ने यह कहकर अड़ंगा लगा दिया कि उस पानी पर पहला हक उनका है। मैं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से अनुरोध करती हूं कि वह इस मामले में हमारी मदद करें क्योंकि हरियाणा में उनकी सरकार है। यदि वे अपर यमुना नदी बोर्ड में हमारे मामले का समर्थन करते हैं, तो हमें अगले दिन से प्रति दिन 100 मिलियन गैलन पानी मिलना शुरू हो जाएगा। ’’
मंत्री ने विधानसभा को बताया कि मुख्य सचिव नरेश कुमार ने व्यक्तिगत रूप से भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए जिम्मेदारी ली है।
भाषा प्रीति