परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों को अधिक सीटें मिलेंगी : तेजस्वी सूर्या
अविनाश
- 16 Apr 2026, 10:17 PM
- Updated: 10:17 PM
नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में विपक्ष पर महिला आरक्षण कानून में संशोधन से संबंधित विधेयकों पर जनता को गुमराह करने के लिए दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया और दावा किया कि परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों को अधिक सीटें मिलेंगी।
महिला आरक्षण से संबंधित तीन विधेयकों पर चर्चा में भाग लेते हुए बेंगलुरु दक्षिण से सांसद ने कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का परिसीमन को राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) से जोड़ने का सुझाव ''अव्यावहारिक'' है और इससे ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसमें (उद्योगपति) मुकेश अंबानी के पास एक लाख वोट होंगे, जबकि आम आदमी के पास केवल एक वोट होगा।
सूर्या ने कहा कि दक्षिणी और छोटे राज्य, जिन्होंने जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित किया है, उन्हें सरकार द्वारा प्रस्तावित सीटों से बेहतर सीटें नहीं मिल सकतीं।
उन्होंने कहा कि 2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम सर्वसम्मति से पारित किया गया था, तब सभी पार्टी सहमत थे कि यह जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होगा। उन्होंने आरोप लगाया, ''आज विपक्ष ने यूटर्न ने ले लिया और वे इस संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे हैं।''
सूर्या ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में विपक्षी सदस्यों द्वारा दक्षिण भारत के लोगों को गुमराह करने के लिए सुनियोजित दुष्प्रचार देखने को मिला है।
भाजपा सांसद ने कहा कि विधेयक पारित होने के बाद दक्षिणी राज्यों की कुल हिस्सेदारी 23.9 प्रतिशत बनी रहेगी और परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों को अधिक सीटें मिलेंगी।
उन्होंने 'वन रैंक वन पेंशन' (ओआरओपी) योजना को लागू करने और अनुच्छेद 370 को समाप्त करने संबंधी मोदी सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा टाल-मटोल करने की नीति में यकीन रखती है, जबकि भाजपा शासन अतीत की समस्याओं को हल करने में विश्वास करता है।
सूर्या ने आरोप लगाया कि द्रमुक अलगाववाद की बात करती है। उन्होंने कहा, ''हम आपकी राजनीति से नफरत करते हैं और इसे अस्वीकार करते हैं।''
वहीं, द्रमुक सांसद ए. राजा ने तेजस्वी की इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि कि भाजपा सदस्य को उन्हें राष्ट्रवाद नहीं सिखाना चाहिए।
भाषा सुभाष अविनाश
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