आईएसआई समर्थित आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़, तीन लोग गिरफ्तार: पंजाब पुलिस
अविनाश
- 06 Apr 2026, 08:45 PM
- Updated: 08:45 PM
चंडीगढ़, छह अप्रैल (भाषा) पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) द्वारा समर्थित एक आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से दो हथगोले एवं एक 'ग्लॉक' पिस्तौल बरामद की है। पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि हथगोलों पर पीओएफ (पाकिस्तान आयुध कारखाना) के चिह्न हैं जो सीमा पार संबंधों का संकेत देते हैं।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान सरबजीत सिंह (तरन तारन के अम्मीशाह गांव निवासी), बिक्रमजीत सिंह (अमृतसर के नांगल पन्नुवां गांव निवासी) और अमनदीप सिंह (अमृतसर की इंदिरा कॉलोनी निवासी) के रूप में की गई है।
यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आईएसआई द्वारा समर्थित मॉड्यूल कई राज्यों में पुलिस प्रतिष्ठानों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाने में शामिल था जिसे अब सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि मॉड्यूल के अन्य सदस्यों की पहचान करने, उन पर नजर रखने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ (एसएसओसी), अमृतसर के सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) सुखमिंदर सिंह मान ने अभियान का ब्यौरा साझा करते हुए कहा कि खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए अभियान में सरबजीत सिंह और अमनदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से हथगोले एवं एक पिस्तौल बरामद की गई।
एआईजी ने बताया कि जांच से पता चला कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों (पीआईओ) का प्राथमिक संपर्क एवं इस समूह का प्रमुख संचालक बिक्रमजीत सिंह गुजरात के डीसा से काम कर रहा था।
उन्होंने बताया कि यह सूचना गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के साथ तुरंत साझा की गई और उसके सक्रिय सहयोग से एसएसओसी ने बिक्रमजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
एआईजी मान ने बताया कि जांच के दौरान यह पता चला कि सभी आरोपी सोशल मीडिया मंचों के जरिए पीआईओ के संपर्क में थे।
उन्होंने बताया कि जांच में यह भी पता चला है कि आईएसआई आकाओं के निर्देश पर यह समूह पंजाब और अन्य राज्यों में विभिन्न पुलिस प्रतिष्ठानों पर हथगोले से हमले करने की साजिश रच रहा था।
अमृतसर के पुलिस थाना राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ (एसएसओसी) में विस्फोटक पदार्थ (संशोधन) अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
भाषा
सिम्मी अविनाश
अविनाश
0604 2045 चंडीगढ़