शराब बिक्री पर बयान को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक पर धार्मिक संगठन ने साधा निशाना
नरेश
- 31 Mar 2026, 04:13 PM
- Updated: 04:13 PM
श्रीनगर, 31 मार्च (भाषा) जम्मू-कश्मीर में धार्मिक संगठन मुत्तेहिदा मजलिस उलेमा (एमएमयू) ने शराब की बिक्री के पक्ष में बयान देने वाले सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक हसनैन मसूदी की कड़ी आलोचना की है।
एमएमयू के एक प्रवक्ता ने यहां एक बयान में कहा, '' इस प्रकार की टिप्पणियां अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं, क्योंकि इस्लाम में मादक पदार्थों के सेवन पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंध है, और यह इस्लाम के मूल्यों और मान्यताओं के बिल्कुल विपरीत है।''
प्रवक्ता ने कहा, '' यह शराब के सेवन से परिवारों और समाज पर पड़ने वाले गंभीर सामाजिक परिणामों को भी नजरअंदाज करता है, जिनमें घरेलू कलह, आर्थिक कठिनाई और नैतिक पतन शामिल है।''
गौरतलब है कि मसूदी ने सोमवार को जम्मू में एक समाचार पोर्टल से बातचीत में कहा था कि शराब पर प्रतिबंध लगाने से केंद्र शासित प्रदेश की वित्तीय स्थिति प्रभावित होगी और विकास कार्यों में बाधा आएगी। नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक ने यह भी कहा था कि प्रतिबंध से अवैध और मिलावटी शराब का कारोबार बढ़ सकता है, जिससे लोगों की जान को खतरा होगा। इस संदर्भ में उन्होंने बिहार और गुजरात का उदाहरण दिया था।
मसूदी ने कहा, ''समाज का एक बड़ा वर्ग मानता है कि शराब का सेवन नैतिक मूल्यों को ठेस पहुंचाता है और समस्याओं को जन्म देता है, खासकर महिलाओं के लिए। हालांकि, हमें यह भी ध्यान रखना होगा कि शराब की बिक्री से सरकार को राजस्व प्राप्त होता है, जो विकास के लिए आवश्यक है।''
एमएमयू के प्रवक्ता ने कहा कि कश्मीर की संस्कृति और पहचान को बनाए रखने का दावा करने वाले किसी नेता या राजनीतिक दल से इस तरह का तर्क आना निराशाजनक और चिंताजनक है।
उन्होंने कहा, '' एमएमयू इस बात पर बल देता है कि आर्थिक पहलुओं को नैतिक, सामाजिक और मानवीय कल्याण से ऊपर नहीं रखा जा सकता, और राजस्व के आधार पर शराब को जायज ठहराना प्रशासन के प्रति एक चिंताजनक दृष्टिकोण को दर्शाता है।''
एमएमयू जम्मू-कश्मीर में लगभग 30 इस्लामी धार्मिक और शैक्षणिक संगठनों का एक गठबंधन है, जिसका नेतृत्व मीरवाइज-ए-कश्मीर डॉ. मौलवी मोहम्मद उमर फारूक करते हैं।
संगठन ने सत्तारूढ़ दल से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने और प्रदेश में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है, साथ ही शराब की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त सजा की भी बात कही है।
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