पुडुचेरी में बंद के आह्वान से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ
प्रीति संतोष
- 08 Mar 2024, 03:51 PM
- Updated: 03:51 PM
पुडुचेरी, आठ मार्च (भाषा) एक नाबालिग लड़की की हत्या को रोकने में पुडुचेरी सरकार की कथित विफलता की निंदा करने के लिए विपक्षी दल अन्नाद्रमुक और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के आह्वान पर आयोजित 12 घंटे के बंद के दौरान शुक्रवार को यहां सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा।
विपक्षी दलों ने मादक पदार्थ की तस्करी को रोकने में सरकार की विफलता को लेकर भी विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नौ वर्षीय लड़की की हत्या में शामिल दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। नाबालिग का शव मंगलवार को सोलाई नगर में उसके घर के पास एक नाले में मिला था।
अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के राज्य सचिव ए अंबलगन के नेतृत्व में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ओडियनसलाई क्षेत्र में गिरफ्तारी दी और इस दौरान उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम करके प्रदर्शन किया।
अंबलगन ने संवाददाताओं से कहा कि क्षेत्रीय सरकार केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) में नशीले पदार्थ की तस्करी को रोकने में विफल रही। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल तमिलसाई सुंदरराजन ने भी यह कहा था कि पुडुचेरी में मादक पदार्थ के तस्करों के तमिलनाडु के मादक पदार्थ के माफिया के साथ संबंध हैं।
अंबलगन ने प्रशासन से यह मांग की कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए दोषियों को अधिकतम सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे अपराध दोबारा न हो सकें। आरोपियों में एक 50 वर्षीय व्यक्ति और एक किशोर शामिल है।
कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) और विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) में शामिल दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग को लेकर पट्टानिकाडी जंक्शन पर प्रदर्शन किया।
कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मुस्तैद रहे। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
सभी निजी बसें, ऑटो और टेम्पो सड़कों पर नजर नहीं आए। वहीं, पड़ोसी ऑरलियनपेट में बस टर्मिनल सुनसान नजर आया और सेवाएं ठप थीं। हालांकि, सरकारी बसें सामान्य रूप से संचालित हुईं।
कई स्थानों पर होटल और रेस्तरां बंद रहे। सब्जी और मछली विक्रेताओं ने भी अपना व्यापार नहीं किया। जवाहरलाल नेहरू स्ट्रीट और कुछ अन्य शॉपिंग केंद्र खाली थे और व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति सामान्य रही, लेकिन परिवहन सुविधाएं नहीं होने के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या सामान्य से कम रही।
भाषा प्रीति