राजस्थान के प्रतापगढ़ में ईंट भट्टा मालिक की हत्या, प्रदर्शन और आगजनी पर उतरी भीड़
धीरज नरेश
- 25 Jun 2024, 05:02 PM
- Updated: 05:02 PM
जयपुर, 25 जून (भाषा) राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में ईंट भट्टे से निकलने वाली धूल मिट्टी को लेकर हुए झगड़े में भट्टा मालिक की कथित तौर पर चाकू मारक हत्या कर दी गई। घटना से गुस्साए मृतक के परिजनों ने हमलावरों में शामिल एक आरोपी के ढाबे और शराब की दुकान में आग लगा दी। पुलिस ने मंलगवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि घटना से नाराज 38 वर्षीय ईंट भट्टा मालिक के परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दी और पुलिस कर्मियों पर पथराव किया। पुलिस ने बताया कि मृतक के भट्टे से धूल उड़ने को लेकर बहस हुई थी जिसके बाद ढाबा मालिक सहित कुछ लोगों कथित तौर पर भट्टा मालिक की हत्या कर दी।
पुलिस ने बताया कि घटना प्रतापगढ़ जिले के कोतवाली थानाक्षेत्र के अंतर्गत खेरोट गांव में सोमवार शाम को घटी।
पुलिस उपाधीक्षक हेरांभ जोशी ने बताया कि मामले में ढाबा मालिक जयसिंह लालना मुख्य आरोपी है और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि घनश्याम प्रजापति का ईंट भट्टा और लालना का ढाबा आसपास ही है। दोनों के बीच कुछ दिन पहले भट्टे से धूल उड़ने को लेकर बहस हुई थी।
पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि सोमवार शाम को भी इसी मुद्दे पर बहस हुई और इस दौरान प्रजापति ने कथित तौर पर ढाबे पर काम करने वाले एक कर्मचारी को थप्पड़ मार दिया और घर चला गया।
उन्होंने बताया कि रात को लालना सहित छह लोग दो मोटरसाइकिल पर सवार होकर कथित तौर पर प्रजापति के घर पहुंचे और उसे घर से बाहर बुलाया।
जोशी ने बताया कि इन लोगों ने प्रजापति की पिटाई की और लालना ने कथित तौर पर उसपर चाकू से हमला कर दिया जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। उन्होंने बताया कि हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए।
पुलिस ने बताया कि प्रजापति की हत्या का विरोध करते हुए उसके परिवार के सदस्यों ने रात को ढाबे और शराब की दुकान में आग लगा दी और पुलिस के वाहनों पर पत्थरबाजी की एवं प्रतापगढ़-रतलाम राजमार्ग को बाधित कर दिया।
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को समझाकर राजमार्ग पर यातायात बहाल कर दिया गया है और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
पुलिस उपाधीक्षक ने कहा कि बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई हैं।
पुलिस ने बताया कि शव को जिला अस्पताल के मुर्दाघर में रखा गया है और अब तक पोस्टमॉर्टम के लिए नहीं भेजा गया है।
भाषा धीरज