रमजान का चांद दिखा, पहला रोज़ा बृहस्पतिवार को
पवनेश
- 18 Feb 2026, 07:36 PM
- Updated: 07:36 PM
नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) देश में रमजान के महीने का आगाज़ बृहस्पतिवार से होगा। आसमान में बादल छाए रहने के कारण दिल्ली-एनसीआर में चांद के दीदार नहीं हुए हैं, लेकिन देश के कई हिस्सों में चांद दिखने की पुष्टि हुई है। धर्म गुरुओं ने बुधवार को यह जाकारी दी।
चांदनी चौक स्थित फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि दिल्ली-एनसीआर व हरियाणा के कई हिस्सों में सुबह से ही बादल छाए हुए थे और बारिश हो रही थी जिस वजह से यहां चांद नजर नहीं आया। उन्होंने कहा कि बिहार के पटना और औरंगाबाद तथा झारखंड के कई हिस्सों में आम तौर पर रमजान का चांद देखे जाने की पुष्टि हुई है।
उन्होंने कहा कि लिहाज़ा यह तय किया गया है कि पहला रोज़ा 19 फरवरी यानी बृहस्पतिवार को होगा।
इस्लाम में एक महीना 29 या 30 दिन का होता है। महीने के दिनों की संख्या चांद दिखने पर निर्भर करती है।
अहमद ने कहा कि बुधवार को इस्लामी कलेंडर के आठवें महीने 'शाबान' की 30 तारीख है।
जामा मस्जिद के शाही नायब इमाम सैयद शाबान बुखारी ने एक बयान में कहा कि आज रमज़ान-उल-मुबारक का चांद नज़र आया गया है लिहाज़ा ऐलान किया जाता है कि 19 फरवरी को पहला रोज़ा होगा।
मुस्लिम संगठन इमारत-ए-शरिया हिंद ने एक बयान में बताया कि दिल्ली में आसमान के बादलों से ढका होने के कारण चांद नहीं दिखा, लेकिन देश के विभिन्न हिस्सों से चांद दिखने की प्रमाणिक सूचनाएं प्राप्त हुई हैं।
बयान के मुताबिक, इनके आधार पर तय किया गया है कि बृहस्पतिवार को रमजान के महीने की पहली तारीख है यानी पहला रोज़ा है।
रमज़ान का चांद दिखने के बाद अगले दिन से पवित्र महीने का आगाज़ हो जाता है और अगले 30 दिन तक मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक खाते-पीते नहीं है।
साथ में शाम में मस्जिदों में विशेष नमाज़ अदा की जाती है जिसे 'तराहवी' कहा जाता है। इस नमाज़ में पूरे कुरान का पाठ किया जाता है।
रमज़ान की समयसारणी के मुताबिक, दिल्ली में बृहस्पतिवार को पहले रोज़े की सहरी (सूरज निकलने से पहले खाना-पीना) का वक्त सुबह 5.26 बजे खत्म होगा तथा इफ्तार (रोजा खोलना) का वक्त शाम 6.16 पर है।
भाषा नोमान नोमान पवनेश
पवनेश
1802 1936 दिल्ली