तमिलनाडु कांग्रेस प्रमुख ने द्रमुक के साथ सत्ता साझा करने पर पार्टी सांसद के विचारों की आलोचना की
माधव
- 16 Feb 2026, 05:37 PM
- Updated: 05:37 PM
चेन्नई, 16 फरवरी (भाषा) कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के सेल्वापेरुन्थागई ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के साथ सत्ता साझा करने के मुद्दे पर पार्टी सांसद मणिकम टैगोर के विचारों की सोमवार को कड़ी आलोचना की।
सेल्वापेरुन्थागई ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के नेताओं से बड़ा कोई नहीं है, जिन्होंने पहले ही पार्टी सदस्यों को सार्वजनिक रूप से अपनी राय व्यक्त करने से परहेज करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने इस बात पर आश्चर्य जताया कि टैगोर ने विधानसभा चुनाव से पहले ही सत्ता-साझा करने के मुद्दे पर बात क्यों की और कहा कि पार्टी सदस्यों को गठबंधन पर सार्वजनिक रूप से अपने विचार जाहिर करने से बचना चाहिए।
जब संवाददाताओं ने सेल्वापेरुन्थागई से 15 फरवरी को मदुरै में हुई उस बैठक के बारे में पूछा, जिसमें टैगोर ने सत्तारूढ़ द्रमुक के साथ सत्ता में हिस्सेदारी की मांग की थी, तो उन्होंने कहा, "मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।"
विरुधुनगर के सांसद टैगोर के नेतृत्व में तिरुप्पारनकुंड्रम में आयोजित मदुरै दक्षिण जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में इस सिलसिले में प्रस्ताव भी पारित किए गए थे।
सेल्वापेरुन्थागई ने कहा, "तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) के अध्यक्ष के रूप में मैं एआईसीसी के निर्देशों का कड़ाई से पालन करता हूं। हमें सार्वजनिक मंचों पर गठबंधन के बारे में बात न करने का निर्देश दिया गया है। हमारे नेताओं - राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल - ने हमसे सार्वजनिक रूप से अपने विचार व्यक्त न करने के लिए कहा है। मुझे नहीं पता कि कांग्रेस में इन नेताओं से बड़ा कोई है या नहीं।"
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ने द्रमुक के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत करने के लिए गिरीश चोडंकर की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन पहले ही कर लिया है।
उन्होंने कहा, "किसी को भी सार्वजनिक रूप से अपने निजी विचार व्यक्त नहीं करने चाहिए। एआईसीसी नेतृत्व ने भी यही कहा है और मेरा भी यही विचार है।"
यह पूछे जाने पर कि क्या टैगोर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, सेल्वापेरुन्थागई ने कहा, "मुझे पार्टी आलाकमान ने इस मामले पर और मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए बुलाया है। लोकतंत्र के खिलाफ जाना और आलाकमान के निर्देशों की अवहेलना करना गलत है।"
भाषा पारुल माधव
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