धोखाधड़ी मामला: अदालत में सत्य प्रकाश बागला की जमानत याचिका पर सुनवाई 16 फरवरी को जारी रहेगी
अविनाश
- 13 Feb 2026, 09:07 PM
- Updated: 09:07 PM
नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने निवेशकों के साथ कथित धोखाधड़ी के मामले में व्यवसायी सत्य प्रकाश बागला की जमानत याचिका पर शुक्रवार को दलीलें सुनीं।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शुनाली गुप्ता ने बागला के वकील द्वारा प्रस्तुत दलीलें सुनीं और शेष सुनवाई स्थगित कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से सोमवार को दोपहर 12 बजे अपनी दलीलें पेश की जायेंगी।
बागला के वकील ने दलील दी कि अब हिरासत में पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि व्यवसायी नौ जनवरी से हिरासत में है और पुलिस ने कथित तौर पर एक महीने से अधिक समय तक उनसे मिलने की पूरी अनुमति होने के बावजूद उनसे प्रतिदिन 10 मिनट से अधिक पूछताछ नहीं की।
जांच अधिकारी (आईओ) ने बागला के उपकरणों को अपने कब्जे में ले लिया है, लेकिन आरोप लगाया कि बागला ने जांच के लिए महत्वपूर्ण सामग्री को 'डिलीट' कर दिया था।
वकील ने दलील दी कि फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट के अभाव में, जो उनके दावों को साबित करती हो, जांच अधिकारी सबूतों के साथ छेड़छाड़ के आरोप नहीं लगा सकते।
उन्होंने कहा, ''ठोस सबूत के बिना केवल साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका जमानत देने से इनकार करने का आधार नहीं है।''
वकील ने यह भी बताया कि बागला कई बीमारियों से जूझ रहे हैं, उन्हें उच्च रक्तचाप की समस्या है और गिरफ्तारी के समय उनका केवल एक ही गुर्दा ठीक से काम कर रहा था।
वकील ने अदालत को बताया कि जनवरी में पुलिस हिरासत में लिए जाने से पहले उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था।
वकील ने यह भी दलील की कि बागला के भागने का कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पहले भी विदेश यात्रा कर चुके हैं, उन्होंने कभी अपनी निजी स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं किया और हमेशा देश लौट आये।
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) 'एक्सक्लूसिव कैपिटल लिमिटेड' (ईसीएल) के मालिक बागला को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने नौ जनवरी को गिरफ्तार कर लिया था।
यह मामला अक्टूबर 2025 में कोलकाता के एक वरिष्ठ नागरिक दंपती, सुरेश कुमार अग्रवाल और कांता अग्रवाल द्वारा ईसीएल के निदेशकों, जिनमें बागला, अचल कुमार जिंदल और जॉनसन अब्राहम शामिल हैं, के खिलाफ दायर की गई शिकायत से संबंधित है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 318 (धोखाधड़ी), 316 (आपराधिक विश्वासघात) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
दंपती ने बागला पर ईसीएल में निवेश करने के लिए उन्हें गुमराह करने का आरोप लगाया है।
भाषा
देवेंद्र अविनाश
अविनाश
1302 2107 दिल्ली