असम कांग्रेस ने 'भूमि हड़पने' को लेकर मुख्यमंत्री के खिलाफ राज्यभर में विरोध-प्रदर्शन किया
नेत्रपाल
- 10 Feb 2026, 11:27 PM
- Updated: 11:27 PM
(तस्वीरों के साथ)
गुवाहाटी, 10 फरवरी (भाषा) कांग्रेस की असम इकाई ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और उनके परिवार के सदस्यों की ओर से कथित तौर पर 3,900 एकड़ से अधिक भूमि हड़पे जाने के विरोध में राज्यभर में प्रदर्शन किया।
राज्य की सभी जिला कांग्रेस समितियों ने अपने-अपने जिला मुख्यालयों में विरोध-प्रदर्शन किया।
असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने चार फरवरी को कहा था कि पार्टी ने एक जांच कराई है, जिसमें चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। उन्होंने दावा किया था कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों ने पूरे असम में लगभग 12,000 बीघा (3,960 एकड़ से अधिक) जमीन पर कब्जा कर रखा है।
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के मीडिया एवं संचार विभाग के अध्यक्ष बेदब्रत बोरा ने कहा, "हमारी मांग बहुत स्पष्ट है। मुख्यमंत्री को इतनी संपत्ति जमा करने के बारे में सच्चाई बतानी चाहिए। वह दावा करते हैं कि उन्होंने वैध तरीके से संपत्ति अर्जित की है। अगर ऐसा है, तो उन्हें असम की जनता को इस बारे में बताना चाहिए।"
बोरा ने कहा कि हिमंत के खिलाफ प्रदर्शन तब तक जारी रहेंगे, जब तक वह इतने बड़े पैमाने पर जमीन हासिल करने के स्रोत के बारे में स्पष्टीकरण नहीं दे देते।
कांग्रेस नेता ने सवाल किया, "क्या उन्होंने (हिमंत) आधिकारिक शक्तियों का दुरुपयोग करके जमीन हड़पी? असम में मुख्यमंत्री ने और कितनी संपत्ति हथिया ली है? हमें अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति का पूरा हिसाब चाहिए।"
इससे पहले, दिन में हिमंत ने कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों को "दुर्भावनापूर्ण" करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिश्वनाथ, चराइदेव, डिब्रूगढ़, लखीमपुर, दरांग, सोनितपुर, नागांव, जोरहाट, शिवसागर, तिनसुकिया, तामुलपुर, गोलपाड़ा, नलबाड़ी, बोंगाईगांव, चिरांग, कोकराझार, उदलगुरी और धुबरी में हिमंत तथा उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने 'देशोटकोई मामी डांगोर नोहोय' (मामा देश से बढ़कर नहीं हैं) का नारा लगाते हुए मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों के कथित भूमि हड़पने से जुड़े मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की। हिमंत को उनके समर्थक अक्सर 'मामा' कहकर पुकारते हैं।
असम में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
भाषा पारुल नेत्रपाल
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