खत्म हो चुकी बैटरी का मतलब उसकी उपयोगिता समाप्त होना नहीं : संरा अधिकारी
नरेश
- 10 Feb 2026, 04:25 PM
- Updated: 04:25 PM
(अपर्णा बोस)
नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने कहा है कि 'थर्मल रनवे (अधिक गर्म हो जाने)' के जोखिम के चलते 'सेकंड-लाइफ एलएफपी (लिथियम फेरो फॉस्फेट)' बैटरियों के लिए सुरक्षा प्राथमिक चुनौती है, लेकिन आवश्यक नैदानिक जांच, उचित स्क्रीनिंग और निगरानी से पर्यावरणीय जोखिम को कम करते हुए इनका जीवनकाल सात से दस वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
एशिया और प्रशांत क्षेत्र संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (एस्कैप) के परिवहन अनुसंधान और नीति अनुभाग की प्रमुख कैटरिन लुगर ने 'पीटीआई-वीडियो' के साथ साक्षात्कार में कहा कि ग्रिड-स्तरीय बैटरी भंडारण बिजली ग्रिड एकीकरण में सहयोग पहुंचाने का सबसे तेज तरीका है।
उन्होंने कहा कि पुन: उपयोग की गई बैटरियां उच्च मांग के दौरान बिजली प्रदान करके चरम मांग को कम कर सकती हैं और बिजली आपूर्ति को संतुलित कर सकती हैं, जिससे ग्रिड को स्थिर रखने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि 'सेकंड-लाइफ बैटरियों (दूसरी बार इस्तेमाल में लायी जा रही बैटरियों)' का उपयोग करने वाले बैटरी भंडारण सिस्टम सामुदायिक 'माइक्रोग्रिड' में अच्छा काम करते हैं।
उन्होंने कहा ये सिस्टम नई बैटरियों की तुलना में ऊर्जा भंडारण लागत को 20 से 30 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं, जिससे हाशिए पर रहने वाले और वंचित समुदायों के लिए विश्वसनीय और किफायती बिजली अधिक सुलभ हो जाती है।
एलएफपी बैटरियां अपनी सुरक्षा (तापीय स्थिरता) और किफायती होने के कारण भारत के इलेक्ट्रिक वाहन और सौर ऊर्जा भंडारण बाजारों पर तेजी से हावी हो रही हैं लेकिन इनका पुनर्चक्रण आर्थिक रूप से कठिन हो जाता है।
उन्होंने कहा कि एलएफपी बैटरियों के अगली बार पुन: उपयोग को बढ़ाने के लिए भारत जिन व्यावहारिक उपायों को प्राथमिकता दे सकता है उनमें बेहतर मूल्य निर्धारण, मानक निदान और सुरक्षा नियम, और प्रत्यक्ष पुनर्चक्रण समेत तकनीकी समाधान महत्वपूर्ण हैं।
लुगर के अनुसार, प्रत्यक्ष पुनर्चक्रण से एलएफपी बैटरी की सामग्री जस की तस रहती है तथा उसमें मौजूदा तरीकों की तुलना में बहुत कम ऊर्जा का उपयोग होता है और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 90 प्रतिशत तक की कमी आती है, जो कम सामग्री मूल्य के बावजूद एलएफपी पुनर्चक्रण को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाता है।
भाषा राजकुमार नरेश
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