केरल: जमात-ए-इस्लामी को लेकर माकपा और कांग्रेस के बीच छिड़ी तीखी बहस
माधव
- 07 Feb 2026, 06:24 PM
- Updated: 06:24 PM
कासरगोड, सात फरवरी (भाषा) केरल में शनिवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस के बीच जमात-ए-इस्लामी को लेकर तीखी बहस छिड़ गई।
सत्ताधारी पार्टी ने विपक्ष पर सांप्रदायिक ताकतों के साथ मिलीभगत करने और उन्हें अच्छा होने का प्रमाणपत्र देने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
माकपा की प्रदेश इकाई के सचिव एम.वी. गोविंदन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने यह रुख अपना लिया है कि जमात-ए-इस्लामी कोई सांप्रदायिक ताकत नहीं है।
वहीं, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशान ने मार्क्सवादी पार्टी पर संगठन के साथ अपने लंबे जुड़ाव को जानबूझकर 'भूलने' का आरोप लगाया।
कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) विपक्ष द्वारा आयोजित 'पुधु युग यात्रा' को निशाना बनाते हुए गोविंदन ने कहा कि यह यात्रा सांप्रदायिक और चरमपंथी ताकतों को 'पाक-साफ दिखाने' का काम कर रही है।
उन्होंने कांग्रेस पर जमात-ए-इस्लामी को संरक्षण देने का आरोप लगाया। गोविंदन ने आरोप लगाया कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि विपक्ष के नेता सांप्रदायिक ताकतों के साथ मिलीभगत कर राज्य में अपनी राजनीति को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
वरिष्ठ नेता ने यूडीएफ की प्रमुख सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) पर भी हमला बोला और आरोप लगाया कि जमात-ए-इस्लामी आजकल इसकी विचारधारा को आकार देने वाली ताकत बन गई है।
हालांकि, विपक्ष के नेता सतीशान ने गोविंदन के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि माकपा को उन्हें सांप्रदायिकता सिखाने की जरूरत नहीं है।
सतीशन ने माकपा पर सांप्रदायिक तुष्टीकरण की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन सहित इसके प्रमुख नेताओं ने चुनाव जीतने के लिए 'जमात-ए-इस्लामी' के वोट स्वीकार किए हैं।
विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने राज्य में पिछले लोकसभा चुनावों तक अल्पसंख्यकों को खुश करने की कोशिश की और उसके बाद माकपा ने बहुसंख्यक समुदायों को खुश करने की कोशिश की।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''लेकिन, अब माकपा बहुसंख्यकों और अल्पसंख्यकों दोनों का समर्थन खो चुकी है। वे अब असमंजस की स्थिति में हैं। उन्हें खुद नहीं पता कि वे आजकल क्या कर रहे हैं या क्या व्यवहार कर रहे हैं। ''
माकपा के राज्य सचिव एम वी गोविंदन द्वारा कांग्रेस के खिलाफ लगाए गए सांप्रदायिक आरोपों को खारिज करते हुए सतीशन ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को किसी से सांप्रदायिकता के बारे में सीखने की जरुरत नहीं है।
उन्होंने माकपा पर सांप्रदायिकता के मामले में 'दोहरा रवैया' अपनाने का भी आरोप लगाया।
सतीशन ने आरोप लगाया कि माकपा के दशकों से 'जमात-ए-इस्लामी' के साथ संबंध थे और मुख्यमंत्री विजयन तथा पार्टी के राज्य सचिव गोविंदन सहित कई वामपंथी नेताओं ने उनके वोट हासिल करके चुनाव जीते हैं।
भाषा जितेंद्र माधव
माधव
0702 1824 कासरगोड