राज्य सरकार के विरोध के बाद जम्मू-कश्मीर में तीन परियोजनाएं स्थगित की गईंः वैष्णव
पवनेश
- 03 Feb 2026, 07:49 PM
- Updated: 07:49 PM
श्रीनगर, तीन फरवरी (भाषा) रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से विरोध जताए जाने के चलते केंद्र शासित प्रदेश में प्रस्तावित तीन रेलवे परियोजनाओं को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) और विपक्षी पीडीपी ने इस फैसले का स्वागत किया है। दोनों दलों का कहना है कि इससे उन किसानों को राहत मिली है, जिनकी जमीन इन परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जानी थी।
जम्मू में सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में अश्विनी वैष्णव ने कहा, "जम्मू-कश्मीर में रेलवे की तीन परियोजनाओं की मांग उठाई गई थी, लेकिन यहां की सरकार और स्थानीय सांसदों ने इनका विरोध किया, क्योंकि सेब के बागानों को नुकसान पहुंचने की आशंका थी। इन परियोजनाओं पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है।"
हालांकि वैष्णव ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन-सी परियोजनाएं रोकी गई हैं, लेकिन माना जा रहा है कि इनमें पहलगाम तक प्रस्तावित रेल लिंक भी शामिल है, जिसका नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी दोनों ने विरोध किया था।
नेकां ने पहलगाम तक प्रस्तावित रेलवे लाइन को रोकने में "महत्वपूर्ण हस्तक्षेप" के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का आभार व्यक्ति किया।
पार्टी ने एक बयान में कहा, "मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और हमारे सांसदों का इस आवश्यक व निर्णायक हस्तक्षेप के लिए आभार, जिसके परिणामस्वरूप अनंतनाग–पहलगाम और अनंतनाग–शोपियां के बीच प्रस्तावित रेलवे परियोजना पर रोक लगा दी गई है। इससे लोगों की आजीविका और बागानों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।"
बयान में कहा गया है, "यह सरकार लोगों की चिंताओं पर गौर करती है और उस पर कार्रवाई करती है।"
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह फैसला कश्मीर की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी राहत लेकर आया है।
उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "इन परियोजनाओं से दुर्लभ उपजाऊ भूमि के नष्ट होने और दस लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को अनिश्चितता में धकेले जाने का खतरा पैदा हो गया था। किसानों को उजाड़ने वाला विकास, प्रगति नहीं होता। भविष्य की किसी भी योजना की पारदर्शी समीक्षा होनी चाहिए, जिसमें किसानों और स्थानीय समुदायों को साथ लिया जाए, ताकि कश्मीर की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने की रक्षा हो सके।"
भाषा जोहेब पवनेश
पवनेश
0302 1949 श्रीनगर