भारत-अमेरिका व्यापार समझौता हमारे युवाओं, उद्यमियों के लिए अपार अवसर प्रदान करेगा : शाह
सुरेश
- 03 Feb 2026, 06:24 PM
- Updated: 06:24 PM
नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को 'ऐतिहासिक' करार देते हुए मंगलवार को कहा कि यह दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नयी ऊंचाइयों पर ले जाएगा और इससे व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे तथा परस्पर विकास को बढ़ावा मिलेगा।
शाह ने 'एक्स' पर कहा कि यह समझौता हमारे युवाओं और उद्यमियों के लिए अपार अवसरों के मार्ग खोलेगा।
उन्होंने कहा, ''भारत-अमेरिका संबंधों के लिए यह एक बड़ा दिन है, क्योंकि 18 प्रतिशत की काफी कम की गई शुल्क (टैरिफ) दर के साथ व्यापार समझौता तय हुआ है, जो मजबूत व्यापारिक रिश्तों और आपसी विकास का रास्ता खोलेगा।''
इस ''ऐतिहासिक समझौते'' के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बधाई देते हुए शाह ने कहा, ''यह सौदा हमारी रणनीतिक साझेदारी को और ऊंचाइयों पर ले जाएगा तथा दोनों देशों एवं उनके लोगों को भारी लाभ पहुंचाएगा। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और अधिक फलेगा-फूलेगा।''
भारत और अमेरिका के बीच हुए इस व्यापार समझौते के तहत वाशिंगटन भारतीय वस्तुओं पर लगाए जाने वाले पारस्परिक शुल्क को मौजूदा 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा।
शाह ने कहा कि व्यापार समझौता भारत के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को नई ताकत देगा और छोटे उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता को बढ़ावा देगा।
शाह ने कहा, ''देश के छोटे उद्यमियों को सीधा फायदा पहुंचाने वाली इस पहल के लिए मोदीजी का आभार।''
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोमवार को समझौते की घोषणा के बाद, प्रधानमंत्री ने कहा था कि उन्हें खुशी है कि ''मेड इन इंडिया'' उत्पाद पर अब 18 प्रतिशत शुल्क लगेगा।
मोदी ने 'एक्स' पर कहा था, ''आज मेरे प्रिय दोस्त राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके बहुत अच्छा लगा। खुशी है कि 'मेड इन इंडिया' उत्पाद पर अब 18 प्रतिशत घटा हुआ टैरिफ लगेगा। इस शानदार घोषणा के लिए भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप को बहुत-बहुत धन्यवाद।''
उन्होंने कहा था कि जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे लोगों को फायदा होता है और ''परस्पर लाभ वाले सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं''।
मोदी ने कहा था, ''वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का नेतृत्व बहुत जरूरी है। भारत शांति के लिए उनके प्रयासों का पूरी तरह से समर्थन करता है।''
मोदी ने कहा कि वह द्विपक्षीय साझेदारी को अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ट्रंप के साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्सुक हैं, हालांकि उन्होंने ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट में उल्लेखित कई अन्य मुद्दों का ज़िक्र नहीं किया।
ट्रंप ने कहा था कि भारत, अमेरिका के खिलाफ ''टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं'' को शून्य करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली 500 अरब डॉलर से ज्यादा के अमेरिकी सामान खरीदेगा, जिसमें ऊर्जा भी शामिल है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी के प्रति दोस्ती और सम्मान के कारण, और उनके अनुरोध के अनुसार, तुरंत प्रभाव से, हमने अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौते पर सहमति व्यक्त की है, जिसके तहत अमेरिका एक घटा हुआ पारस्परिक टैरिफ लगाएगा, जिसे 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया जाएगा।''
उन्होंने कहा, ''भारत के साथ हमारे अद्भुत संबंध और भी मज़बूत होंगे। प्रधानमंत्री मोदी और मैं दो ऐसे लोग हैं, जो काम करते हैं, ऐसा ज़्यादातर लोगों के बारे में नहीं कहा जा सकता।''
ट्रंप ने कहा कि मोदी और उन्होंने रूस तथा यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म करने पर भी चर्चा की।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ''वह रूसी तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका और, संभावित रूप से, वेनेजुएला से बहुत ज़्यादा (तेल) खरीदने पर सहमत हुए।''
ट्रंप ने कहा, ''इससे यूक्रेन में चल रहे युद्ध को खत्म करने में मदद मिलेगी, जिसमें हर हफ्ते हज़ारों लोग मर रहे हैं।''
मोदी-ट्रंप ने उस दिन फोन पर बातचीत की, जब विदेश मंत्री एस जयशंकर वाशिंगटन की यात्रा पर थे।
ट्रंप और मोदी ने आखिरी बार अक्टूबर 2025 में फोन पर बात की थी। दोनों नेताओं ने पिछले साल फरवरी में एक बैठक में द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को पतझड़ तक अंतिम रूप देने पर सहमति जताई थी।
भाषा वैभव सुरेश
सुरेश
0302 1824 दिल्ली