केरल : कांग्रेस ने एलडीएफ के खिलाफ 'कड़कु पूड़थ' डिजिटल अभियान शुरू किया
दिलीप
- 02 Feb 2026, 06:45 PM
- Updated: 06:45 PM
तिरुवंनतपुरम, दो फरवरी (भाषा) केरल में विधानसभा चुनावों से पहले मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सोमवार को 'कड़कु पूड़थ' (यहां से चले जाओ) नाम से एक राज्यव्यापी डिजिटल अभियान शुरू किया। इस अभियान में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ)को सीधा निशाना बनाया गया है।
कांग्रेस द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा यह नारा विजयन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने 2017 में पत्रकारों को इसी वाक्यांश का इस्तेमाल करते हुए बंद कमरे में आयोजित कार्यक्रम से चले जाने को कहा था।
पिछले कुछ वर्षों से विपक्ष इस टिप्पणी का इस्तेमाल उनके सत्तावादी शासन शैली के प्रतीक के रूप में कर रहा है। विपक्ष इस वाक्यांश के सहारे उनकी शासन शैली का वर्णन करता है।
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) मुख्यमंत्री के अपने ही शब्दों 'कड़कु पूड़थ' को एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का प्रयास कर रही है, और इस अभियान को सत्ता से उन्हें हटाए जाने की सार्वजनिक मांग के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
इस अभियान के केंद्र में हाल ही में शुरू की गई एक वेबसाइट है, जहां नागरिक एलडीएफ सरकार के खिलाफ शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
इस वेबसाइट का प्रचार मुख्यमंत्री की तस्वीर वाले क्यूआर कोड के माध्यम से किया जा रहा है, जो संदेश के प्रतीकात्मक महत्व को रेखांकित करता है।
कांग्रेस ने भी एलडीएफ सरकार पर व्यापक कुशासन का आरोप लगाते हुए एक विस्तृत आरोपपत्र जारी किया है।
इन आरोपों में बढ़ती बेरोजगारी, आर्थिक संकट, कृषि संकट, मादक पदार्थों का बढ़ता इस्तेमाल, वन्यजीवों पर बढ़ते हमले और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों का 'लगातार क्षरण' शामिल हैं।
कांग्रेस कथित भ्रष्टाचार, मुख्यमंत्री द्वारा पूरे न किए गए वादे और शबरिमला से सोने की चोरी सहित मंदिरों से चोरी जैसे मुद्दे भी उठा रही है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि डिजिटल अभियान का उद्देश्य जनता के बढ़ते आक्रोश को सही दिशा देना और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करना है, खासकर युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के बीच।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने 'कड़कु पूड़थ' अभियान के बारे में कहा कि इसका मकसद लोगों को मंच देना है, ताकि वे मुख्यमंत्री से पद हटने के लिए कह सकें, क्योंकि इस वाक्यांश का इस्तेमाल सबसे पहले उन्होंने ही किया था।
चेन्निथला ने सवाल किया, ''यह एक अच्छा अभियान है, है ना?''
इस अभियान को पार्टी के नेतृत्व वाले यूडीएफ की प्रस्तावित यात्रा से पहले एक आक्रामक ऑनलाइन अभियान के अंतिम चरण के रूप में पेश किया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न मंचों पर एक सप्ताह तक चलने वाला गहन सोशल मीडिया अभियान चलाया जाएगा।
सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा)ने अबतक कांग्रेस के इस अभियान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भाषा धीरज दिलीप
दिलीप
0202 1845 तिरुवनंतपुरम