शिक्षा: बजट में पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप, हर जिले में लड़कियों के लिए छात्रावास की घोषणा
नरेश
- 01 Feb 2026, 07:14 PM
- Updated: 07:14 PM
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) केंद्रीय बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए कई प्रस्तावों की घोषणा की गई है। इनमें प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप की स्थापना, हर जिले में लड़कियों के लिए छात्रावास, 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में 'कंटेंट क्रिएटर लैब' स्थापित करना तथा शिक्षा के लिए स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) की दर को घटाकर दो प्रतिशत करना शामिल है।
इस क्षेत्र के लिए 1.39 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है, जिसमें उच्च शिक्षा के लिए 55,727 करोड़ रुपये शामिल हैं।
लोकसभा में 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि सरकार प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप बनाने में राज्यों को सहयोग देगी।
उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा, ''इन प्रस्तावित शैक्षणिक क्षेत्रों में कई विश्वविद्यालय, कॉलेज और अनुसंधान संस्थान, कौशल केंद्र और आवासीय परिसर होंगे।''
सीतारमण ने देश के प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए एक छात्रावास स्थापित करने की घोषणा की। देश में 700 से अधिक जिले हैं।
उन्होंने कहा, ''उच्च शिक्षा के एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) संस्थानों में, लंबे समय तक अध्ययन और प्रयोगशाला कार्य करने से छात्राओं को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। केंद्रीय बजट में वीजीएफ या पूंजीगत सहायता के माध्यम से प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए एक छात्रावास स्थापित करने का प्रस्ताव है।''
उन्होंने पशु चिकित्सा महाविद्यालयों, अस्पतालों और निदान प्रयोगशालाओं के लिए ऋण-आधारित पूंजी सब्सिडी सहायता योजना का भी प्रस्ताव रखा।
बजट में मुंबई स्थित 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी' को 15,000 माध्यमिक विद्यालयों में 'कंटेंट लैब' स्थापित करने के लिए सहायता प्रदान करने का भी प्रस्ताव रखा गया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बजट को "विकसित भारत का बजट" बताते हुए इसकी सराहना की।
उन्होंने कहा, ''यह बजट शिक्षा और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने वाला और विकास के अगले चरण के लिए एक खाका प्रस्तुत करता है। भारत के कोने-कोने में शिक्षा और भविष्य के लिए तैयार कौशल को मजबूत करने के संबंध में बड़े और साहसिक निवेश प्रस्तावित किए गए हैं।''
बजट में पूर्वी क्षेत्र में एक नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है।
वित्त मंत्री ने उदारीकृत प्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए टीसीएस दर को पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत करने का भी प्रस्ताव रखा।
एलआरएस के तहत 10 लाख रुपये से अधिक की राशि या कुल प्रेषण पर शिक्षा या चिकित्सा उपचार के उद्देश्य से टीसीएस की दर को मौजूदा पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है।
एलआरएस के तहत सभी निवासी व्यक्ति, जिनमें नाबालिग भी शामिल हैं, किसी भी मान्य चालू या पूंजी खाते के लेनदेन अथवा दोनों के संयोजन के लिए प्रति वित्त वर्ष (अप्रैल–मार्च) अधिकतम 2,50,000 अमेरिकी डॉलर तक की राशि स्वतंत्र रूप से भेज सकते हैं।
हालांकि, शिक्षा या चिकित्सा उपचार के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए टीसीएस दर पर 20 प्रतिशत कर बरकरार रहेगा।
केंद्रीय बजट में सेवा क्षेत्र पर केंद्रित उपायों की सिफारिश के लिए उच्चाधिकार प्राप्त 'शिक्षा से रोजगार और उद्यम' संबंधी स्थायी समिति के गठन का प्रस्ताव किया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा, ''इससे भारत 2047 तक सेवाओं के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी देश बन जाएगा और वैश्विक बाजार में इसकी हिस्सेदारी 10 प्रतिशत हो जाएगी। समिति विकास, रोजगार और निर्यात की बेहतर संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों का निर्धारण करेगी।''
सीतारमण ने कहा कि समिति कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के रोजगार और कौशल आवश्यकताओं पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करेगी और इसके लिए उपाय प्रस्तावित करेगी।
भाषा आशीष नरेश
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