बजट में स्वास्थ्य मंत्रालय को 10 प्रतिशत अधिक आवंटन, पांच क्षेत्रीय चिकित्सा हब बनाने का प्रस्ताव
माधव
- 01 Feb 2026, 04:16 PM
- Updated: 04:16 PM
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को 2026-27 के बजट में 1,06,530.42 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो 2025-26 के बजट के मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने भारत को एक प्रमुख चिकित्सा पर्यटन गंतव्य के तौर पर बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में पांच क्षेत्रीय चिकित्सा हब बनाने में राज्यों की मदद के लिए एक योजना का प्रस्ताव रखा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए कहा कि ये हब एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल परिसर के तौर पर काम करेंगे, जिनमें चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान सुविधाएं शामिल होंगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह घोषणा भी की कि सहायक स्वास्थ्य पेशेवरों (एएचपी) के लिए मौजूदा संस्थानों को उन्नत किया जाएगा और निजी तथा सरकारी क्षेत्र में नए एएचपी संस्थान बनाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत के युवाओं के लिए कौशल वाले रोजगारों के नए रास्ते बनेंगे।
उन्होंने कहा, ''इसमें ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी टेक्नोलॉजी, एप्लाइड साइकोलॉजी और व्यवहार संबंधी सेहत समेत 10 चुने हुए क्षेत्र शामिल होंगे और अगले पांच साल में एक लाख एएचपी जुड़ेंगे।''
वित्त मंत्री ने कहा, ''बुजुर्गों और सहायक देखभाल सेवाओं के लिए एक मजबूत देखभाल प्रणाली बनाई जाएगी।''
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के लिए आवंटित 1,06,530.42 करोड़ रुपये में से 1,01,709.21 करोड़ रुपये स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के लिए तथा 4,821.21 करोड़ रुपये स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के लिए आवंटित किए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहली बार एएचपी संबंधी योजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए आवंटन 2025-26 में 37,100.07 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2026-27 में 39,390 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
इसके अलावा, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए आवंटन 8,995 करोड़ से बढ़ाकर 9,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो 5.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
राष्ट्रीय दूर मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए, बजट आवंटन को 45 करोड़ रुपये से थोड़ा बढ़ाकर 51 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 350 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
स्वायत्त इकाइयों के लिए बजट आवंटन 2024-25 में 21,901.98 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में 22,343.97 करोड़ रुपये हो गया है। नई दिल्ली स्थित एम्स के लिए आवंटन 5,238.70 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5,500.92 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि आईसीएमआर के लिए 4,821.21 करोड़ रुपये चिह्नित किए गए हैं, जो लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि है।
भाषा वैभव माधव
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