बजट में 17 कैंसर की दवाओं से सीमा शुल्क हटा
अजय
- 01 Feb 2026, 03:40 PM
- Updated: 03:40 PM
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) आम बजट 2026-27 में कैंसर के इलाज में काम आने वाली 17 दवाओं पर सीमा शुल्क हटा दिया है। इसके अलावा बैगेज नियमों को आसान बनाकर और निजी इस्तेमाल के लिए आयात किए गए सामान पर शुल्क घटाकर 10 प्रतिशत करके सीमा शुल्क व्यवस्था को आसान बनाया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को एक ''विश्वास-आधारित'' सीमा शुल्क व्यवस्था पेश की, जिसमें मालवाहक जहाजों की मंजूरी (कार्गो क्लीयरेंस) के लिए एकल खिड़की प्रणाली होगी, भरोसेमंद और लंबे समय से आपूर्ति श्रृंखला वाले नियमित आयात करने वालों के लिए कम जांच परख होगी, अधिकृत आर्थिक परिचालकों (एईओज) के लिए आसान शुल्क भुगतान के नियम होंगे और बंदरगाहों पर जांच में कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल होगा।
सीतारमण ने यह भी घोषणा की कि ईमानदार करदाता, जुर्माने के बजाय अतिरिक्त राशि का भुगतान करके सीमा शुल्क विवादों को निपटा सकते हैं, और सभी सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के लिए दो साल में सीमाशुल्क एकीकृत प्रणाली (सीआईएस) शुरू करने का वादा किया।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि 'एडवांस रूलिंग', सीमाशुल्क अधिकारियों पर पांच साल के लिए बाध्यकारी होगी, जो अभी तीन साल है।
उन्होंने आगे कहा कि 'कस्टम वेयरहाउसिंग ढांचे' को स्वयं खुलासे, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और जोखिम-आधारित लेखा परीक्षण के साथ 'वेयरहाउस परिचालक-केंद्रित प्रणाली में बदल दिया जाएगा।
सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि सीमाशुल्क प्रस्तावों का ''उद्देश्य शुल्क संरचना को और सरल बनाना, घरेलू विनिर्माण को समर्थन करना, निर्यात प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और शुल्क में विसंगतियों को ठीक करना है।''
बजट में यात्रियों की वास्तविक चिंताओं को दूर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान 'बैगेज क्लियरेंस' को नियंत्रित करने वाले प्रावधानों को संशोधित करने का प्रस्ताव है। बैगेज नियम 2016 के तहत, भारतीय निवासी और भारत में रहने वाले विदेशी जो नेपाल, भूटान या म्यामां के अलावा अन्य देशों से आ रहे हैं, वे 50,000 रुपये तक का शुल्क मुक्त सामान ला सकते हैं।
निजी इस्तेमाल के लिए सामान के आयात के संबंध में, बजट में ऐसे सभी शुल्क वाले सामान पर शुल्क दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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