फोन टैप मामला: केसीआर एक फरवरी को तेलंगाना एसआईटी के समक्ष पेश होंगे
दिलीप
- 31 Jan 2026, 10:00 PM
- Updated: 10:00 PM
हैदराबाद, 31 जनवरी (भाषा) तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने शनिवार को पूर्व बीआरएस सरकार के दौरान कथित ''फोन टैपिंग'' मामले की जांच कर रही एसआईटी से कहा कि वह एक फरवरी को पूछताछ के लिए पेश होंगे।
उन्होंने नोटिस जारी करने में जांच अधिकारी पर "कानूनी प्रक्रियाओं के उल्लंघन" का भी आरोप लगाया।
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने राव के "राजनीतिक उत्पीड़न" के खिलाफ एक फरवरी को राज्य भर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया है।
राव ने 30 जनवरी को जांच अधिकारी द्वारा जारी नोटिस के जवाब में उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के विभिन्न निर्णयों और अन्य कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए छह पन्नों का जवाब भेजा है।
उन्होंने हैदराबाद के पास येर्रावल्ली स्थित अपने आवास (फार्महाउस) पर जांच अधिकारी द्वारा पूछताछ से इनकार किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। राव ने जांच अधिकारी द्वारा नोटिस को उनके नंदी नगर स्थित आवास की दीवार पर चिपकाने की भी आलोचना की।
'केसीआर' के नाम से चर्चित राव ने आरोप लगाया कि दीवार पर चिपकाया गया नोटिस कानून के अनुसार तामील नहीं किया गया था और संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत गारंटी प्रदत्त उनकी गरिमा का उल्लंघन किया गया।
विशेष जांच टीम (एसआईटी) 30 जनवरी को राव से पूछताछ करने वाली थी, लेकिन आगामी नगर निगम चुनाव नामांकन में व्यस्तता के कारण उन्होंने पूछताछ की तारीख आगे बढ़ाने का अनुरोध किया।
राव के बेटे और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामाराव ने 29 जनवरी को इस नोटिस को लेकर कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए इसे "प्रतिशोध" करार दिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी महेश कुमार गौड ने कहा कि इसमें "कोई राजनीतिक प्रतिशोध" नहीं है और उन्होंने उल्लेख किया कि राज्य में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से ढाई साल बीत चुके हैं।
यह मामला पिछली बीआरएस सरकार के दौरान नेताओं, कारोबारियों, पत्रकारों, न्यायपालिका के सदस्यों और अन्य प्रमुख व्यक्तियों से जुड़े अवैध फोन टैपिंग आरोपों से संबंधित है।
इस मामले में मुख्य आरोपी तेलंगाना के पूर्व खुफिया प्रमुख टी प्रभाकर राव से एसआईटी पहले ही पूछताछ कर चुकी है।
भाषा आशीष दिलीप
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