अदालतों का अस्तित्व आम लोगों को न्याय देने के लिए है: राज्यपाल अब्दुल नजीर
अमित
- 31 Jan 2026, 07:53 PM
- Updated: 07:53 PM
पुत्तुर (कर्नाटक), 31 जनवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के राज्यपाल न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अब्दुल नजीर ने शनिवार को यहां कहा कि अदालतें आम लोगों के लिए न्याय सुनिश्चित करने का काम करती हैं और इस अधिदेश की प्रकृति संवैधानिक है।
वह दक्षिण कन्नड़ जिले के पुत्तुर में एक नए अदालत परिसर का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि अदालतें कानून के राज की प्रतीक हैं और वे समाज में अन्याय के खिलाफ प्रत्येक व्यक्ति के लिए न्याय सुनिश्चित करने का काम करती हैं। उन्होंने कहा कि अदालतों के लिए नागरिकों को समय पर न्याय देने के उद्देश्य से आधुनिक आधारभूत ढांचा और प्रौद्योगिकी का उपयोग आज के समय की आवश्यकताएं हैं।
संविधान निर्माण के संदर्भ में उन्होंने कहा कि दक्षिण कन्नड़ जिले से बी. नरसिम्हा राव ने कई महत्वपूर्ण प्रावधानों को समेकित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि डाक्टर बी आर आंबेडकर ने भी नरसिम्हा राव के योगदान को स्वीकार किया था।
इस अवसर पर कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विभु बखरु ने कहा कि अदालत के भवनों के साथ ही न्यायाधीशों की सत्यनिष्ठा, अधिवक्ताओं की प्रतिबद्धता और अदालत के कर्मचारियों का समर्पण न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि पुत्तुर अदालत परिसर में 12 कोर्ट हॉल मौजूद हैं और आधुनिक सुविधाओं के साथ इनका निर्माण किया गया है।
दक्षिण कन्नड़ जिले के प्रभारी मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा कि पुत्तुर अदालत के भवन इस राज्य में एक तालुक मुख्यालय में स्थित सबसे बड़ा अदालत परिसर है। उन्होंने कहा कि सरकार ढांचागत सुविधाओं को मजबूती प्रदान करने में हर तरह का सहयोग उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने कहा कि मंगलुरु में 60 करोड़ रुपये की लागत से अदालत के एक नये भवन के निर्माण की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि बेलथांगडी में नौ करोड़ रुपये की लागत से एक भवन के लिए निविदा की प्रक्रिया जारी है।
राव ने मंगलुरु में उच्च न्यायालय की एक पीठ स्थापित किए जाने की भी जरूरत पर बल दिया।
लोकसभा सांसद कैप्टन बृजेश चौटा और पुत्तुर के विधायक अशोक कुमार राय ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
उच्च न्यायालय के महानिबंधक भरत कुमार, उपायुक्त दर्शन एच वी और पुत्तुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जगन्नाथ राय भी इस अवसर पर मौजूद थे। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बासवराज ने अतिथियों का स्वागत किया।
भाषा सं राजेंद्र अमित
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3101 1953 पुत्तुर