पूर्वी भारत के तेज विकास पर आज विशेष बल दिया जा रहा है: राष्ट्रपति मुर्मू
माधव
- 28 Jan 2026, 02:50 PM
- Updated: 02:50 PM
नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि आजादी के बाद भारत की प्रगति को कुछ शहरों और क्षेत्रों से ज्यादा गति मिली, लेकिन अब पिछड़े क्षेत्रों के साथ पूर्वी और उत्तर पूर्व भारत के तेज विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है।
संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा, ''आजादी के बाद भारत की प्रगति को कुछ शहरों और क्षेत्रों से ज्यादा गति मिली। भारत का एक बहुत बड़ा क्षेत्र और बहुत बड़ी आबादी ऐसी रही, जिसे उचित अवसर नहीं मिल पाया।''
उन्होंने कहा, ''अब मेरी सरकार, पिछड़े क्षेत्रों और वंचित आबादी के सामर्थ्य को विकसित भारत की ऊर्जा बना रही है।''
उन्होंने कहा, ''आज पूर्वोदय, यानी पूर्वी भारत के तेज विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। आज पश्चिम बंगाल और ओडिशा के समुद्री क्षेत्र में प्रगति की नई संभावनाएं बन रही है। पूर्वोत्तर का क्षेत्र भी अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है।''
राष्ट्रपति ने कहा, ''पूर्वोत्तर में असम श्रीमंत शंकर देव जी जैसी महान विभूतियों की भूमि है और अब वो दिन भी दूर नहीं जब असम में बनी सेमीकंडक्टर चिप, दुनिया भर के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की लाइफलाइन बनेगी। इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी पर भी अभूतपूर्व बल दिया जा रहा है।''
उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों में पूर्वोत्तर में 7,200 किलोमीटर से ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए गए हैं। इससे दूर-दराज, पहाड़ी, जनजातीय और सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचना आसान हुआ है।
मुर्मू ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 50 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बनी हैं जिससे बाजार, अस्पताल और स्कूलों तक पहुंचना सरल हुआ है।
उन्होंने कहा, ''11 वर्षों में पूर्वोत्तर में रेलवे के विकास पर 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और मिजोरम इन तीनों राज्यों की राजधानियां अब ब्रॉडगेज रेल लाइन से जुड़ चुकी हैं। इससे इन इलाकों में आर्थिक प्रगति, रोजगार और पर्यटन उद्योग के लिए नए द्वार खुले हैं।''
राष्ट्रपति के अनुसार, ''साथ-साथ पूर्वोत्तर की आरोग्य सुरक्षा के लिए भी, ये दशक निर्णयों का दशक रहा है। ईटानगर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, और असम के शिवसागर में मेडिकल कॉलेज बनने से लाखों परिवारों को इलाज में मदद मिलेगी।''
उन्होंने कहा कि सिक्किम के सिचे में मेडिकल कॉलेज, और अगरतला में महिलाओं और बच्चों का अस्पताल बनने से भी बड़ी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से पूर्वोत्तर में एक बड़ा स्वाथ्य ढांचा तैयार हो रहा है।
भाषा
वैभव माधव
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