ममता ने बंगाल चुनावों से पहले अशांति फैलाने के प्रयासों के खिलाफ चेतावनी दी
सुभाष
- 28 Jan 2026, 12:24 AM
- Updated: 12:24 AM
कोलकाता, 27 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को चेतावनी दी कि आगामी चुनावों से पहले राज्य में अशांति फैलाने के प्रयास किए जा रहे हैं और उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और उकसावे में न आने की अपील की।
किसी का नाम लिए बिना बनर्जी ने दावा किया कि कुछ ताकतें चुनावी लाभ के लिए राज्य में अशांति फैलाने की कोशिश कर रही हैं।
पश्चिम बंगाल में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
दक्षिण कोलकाता के सिरिटी में पुनर्निर्मित शवदाह गृह का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन करने और शहर के दक्षिणी भाग में ही वाटगंज के दोई घाट में एक नए शवदाह गृह की आधारशिला रखने के बाद वह राज्य सचिवालय में एक बैठक को संबोधित कर रही थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा, "कुछ लोग चुनावी लाभ के लिए दंगे भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हमें एक साथ रहना है। यह बंगाल सबका है।"
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि अगर किसी खास समुदाय के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो सड़कें और रेल की पटरियां अवरुद्ध हो जाती हैं और वह नहीं चाहतीं कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो।
उन्होंने कहा, "मैं चाहती हूं कि सभी लोग सद्भाव से एक साथ रहें।"
बंगाल की मुख्यमंत्री ने राज्य के औद्योगिक विकास पर भी प्रकाश डाला और कहा कि तेजी से विकास हुआ है।
बनर्जी ने कहा, "कितनी सारी चीजें विकसित हो चुकी हैं। इको पार्क, वैक्स म्यूजियम, छह आर्थिक गलियारे, कई विश्वविद्यालय और 43 मल्टी-सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल बन चुके हैं। हमारे पास कई कारखाने हैं। जब मैं हावड़ा से दुर्गापुर तक कार से जाती हूं तो मुझे कोई खाली जगह नजर नहीं आती।"
उन्होंने कहा कि स्थिर वातावरण के कारण उद्योग राज्य में बने हुए हैं।
तृणमूल प्रमुख ने कहा, "जो लोग व्यापार करते हैं वे नहीं जा रहे हैं। वे क्यों जाएंगे? यहां उद्योग स्थापित हो चुके हैं। एक भी हड़ताल नहीं हुई है। मैं हड़तालों के खिलाफ हूं और मैं आपको विश्वास दिलाती हूं कि एक भी हड़ताल नहीं होगी।"
निवेशों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अकेले पुरुलिया जिले में 72,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम हो रहा है।
बनर्जी ने अन्य राज्यों में पश्चिम बंगाल के प्रवासी श्रमिकों के कथित उत्पीड़न पर भी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा, "अन्य राज्यों के लगभग 1.5 करोड़ लोग बंगाल में काम करते हैं, लेकिन यहां कोई उन्हें परेशान नहीं करता। लेकिन जब हमारे मजदूर राज्य से बाहर काम करने जाते हैं, तो उन्हें गंभीर अत्याचारों का सामना करना पड़ता है।"
मौजूदा स्थिति को देखते हुए बनर्जी ने प्रवासी श्रमिकों से पश्चिम बंगाल लौटने का आग्रह किया और उन्हें आश्वासन दिया कि राज्य में रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे।
भाषा
शुभम सुभाष
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