अवैध रेत खनन में 'सभी दलों के बड़े लोग शामिल' हैं : कर्नाटक के गृह मंत्री परमेश्वर
माधव
- 27 Jan 2026, 08:40 PM
- Updated: 08:40 PM
बेंगलुरु, 27 जनवरी (भाषा) कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने रेत माफिया से धमकियां मिलने का एक महिला विधायक द्वारा दावा किये जाने के बाद, मंगलवार को कहा कि ''सभी दलों के बड़े लोग'' अवैध रेत खनन में शामिल हैं।
विधायक ने दावा किया था कि राज्य के रायचूर जिले में रेत माफिया की गतिविधियां रोकने के उनके प्रयासों के बाद उन्हें धमकियां मिल रही हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि यह एक ''शर्मनाक स्थिति'' है।
वह विधानसभा में, देवदुर्ग से जद(एस) विधायक करेम्मा नायक द्वारा पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।
परमेश्वर ने रायचूर जिले में अवैध रेत खनन के बारे में कहा, ''मैंने इस बारे में विवरण साझा नहीं किया है कि इसमें कौन-कौन शामिल है, इसका सरगना कौन है। यह एक बड़ा गिरोह है। इसमें बड़े-बड़े लोग शामिल हैं। सभी पार्टियों के बड़े लोग इसमें शामिल हैं... यह थोड़ी शर्मनाक स्थिति है।''
उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इस बात पर चर्चा करने के लिए एक बैठक बुलाएंगे कि पुलिस को इससे कैसे निपटना चाहिए।
परमेश्वर ने कहा, ''हम इस मामले में कोई नरमी नहीं बरतेंगे। मैं जिले के विधायकों की बैठक बुलाऊंगा और कोई भी निर्णय लेने से पहले उनके सुझाव लूंगा।''
इससे पहले, इस मुद्दे को उठाते हुए नायक ने कहा कि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र में अवैध रेत खनन के बारे में बहुत पीड़ा के साथ बोल रही हैं।
उन्होंने कहा, ''विधायक बनने के बाद से मैं अवैध रेत खनन को रोकने के लिए ईमानदारी से संघर्ष कर रही हूं, लेकिन आज तक यह संभव नहीं हो पाया है... कृष्णा नदी से अवैध रूप से रेत का खनन किया जाता है और रातोंरात जेसीबी और ट्रकों का उपयोग करके इसकी ढुलाई की जाती है। मुझे किसानों से इस गतिविधि के बारे में बहुत सारी शिकायतें मिल रही हैं। उनकी मिर्च और कपास जैसी फसलें भी प्रभावित हो रही हैं, धूल से फसलें प्रभावित हो रही हैं।''
उन्होंने कहा कि अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई उपयुक्त कार्रवाई नहीं की गई है।
अवैध रेत खनन के खिलाफ आवाज उठाने को लेकर धमकियां मिलने का जिक्र करते हुए जद(एस) विधायक ने कहा, ''मैं एक महिला विधायक हूं। अगर ऐसी चीजें हो रही हैं तो सरकार क्या कार्रवाई कर रही है? ऐसी चीजें बंद होनी चाहिए... मुझे धमकाने आए लोगों ने संवाददाता सम्मेलन किया, जहां उनकी सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।''
परमेश्वर ने कहा कि अवैध रेत खनन केवल देवदुर्ग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे राज्य में होता है और इसे नियंत्रित करने के लिए समय-समय पर आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।
उन्होंने इस प्रकार की गतिविधियों को नियंत्रित करने में खान एवं भूविज्ञान विभाग की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम मौजूद है और एक समिति गठित की गई है, जिसमें उपायुक्त एवं पुलिस सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा, ''शिकायत दर्ज कराये जाने पर पुलिस कार्रवाई करती है।''
उन्होंने कहा कि एक अलग कार्य बल भी है, और उन्होंने कहा, ''कभी-कभी चूक हो जाती है। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि वे ठीक से काम करें... इस मुद्दे पर समझौता करने का कोई सवाल ही नहीं है, लेकिन हम इसे एक दिन में नहीं रोक सकते।''
मंत्री ने करेम्मा और अन्य विधायकों को सुरक्षा का आश्वासन भी दिया।
भाषा सुभाष माधव
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