विदेश मंत्री जयशंकर ने यूरोपीय संघ के कोस्टा और वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की
दिलीप
- 25 Jan 2026, 10:33 PM
- Updated: 10:33 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को आशा व्यक्त की कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व के बीच शिखर वार्ता द्विपक्षीय संबंधों में एक 'नया अध्याय' शुरू करेगी।
जयशंकर ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात के बाद ये टिप्पणी की।
यूरोपीय संघ (27 देशों का समूह) के दोनों शीर्ष नेता सोमवार को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी के साथ शिखर वार्ता करेंगे।
मंगलवार को शिखर सम्मेलन में भारत और यूरोपीय संघ बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते पर निर्णायक घोषणा करेंगे तथा एक रणनीतिक रक्षा साझेदारी समझौते और भारतीय पेशेवरों की आवाजाही के लिए एक रूपरेखा को अंतिम रूप देंगे।
दोनों पक्षों द्वारा समग्र संबंधों को व्यापक बनाने के लिए कई नई पहलों की घोषणा करने के साथ-साथ ट्रंप प्रशासन की आर्थिक और सुरक्षा नीतियों के कारण उत्पन्न बाधाओं पर विचार-विमर्श करने की भी उम्मीद है।
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, ''यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन का भारत में स्वागत करते हुए मुझे बेहद खुशी हो रही है।''
उन्होंने कहा, ''77वें गणतंत्र दिवस समारोह में उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में पाकर हम बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनकी आगामी चर्चा भारत-यूरोपीय संघ के बीच संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करेगी।''
वॉन डेर लेयेन शनिवार को नयी दिल्ली पहुंचीं, जबकि कोस्टा रविवार को यहां पहुंचे। दावोस में 20 जनवरी को विश्व आर्थिक मंच की बैठक में वॉन डेर लेयेन ने कहा था कि भारत और यूरोपीय संघ एक 'ऐतिहासिक व्यापार समझौते' की दहलीज पर हैं, जिससे दो अरब लोगों का एक ऐसा बाजार बनेगा, जो वैश्विक जीडीपी का लगभग एक चौथाई हिस्सा होगा।
पिछले कुछ वर्षों में भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंध बेहतर हुए हैं। यूरोपीय संघ, एक समूह के रूप में, वस्तुओं के मामले में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में यूरोपीय संघ के साथ भारत का कुल वस्तु व्यापार लगभग 136 अरब अमेरिकी डॉलर का था, जिसमें निर्यात लगभग 76 अरब अमेरिकी डॉलर और आयात 60 अरब अमेरिकी डॉलर था।
भाषा संतोष दिलीप
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