पूर्व एसटीएफ प्रमुख विजय कुमार को पद्मश्री के लिए चुना गया
नरेश
- 25 Jan 2026, 10:20 PM
- Updated: 10:20 PM
नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) वीरप्पन को मार गिराने वाली तमिलनाडु पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के प्रमुख रहे और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के पूर्व महानिदेशक के. विजय कुमार को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया है।
कुमार (74) तमिलनाडु कैडर के 1975 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं। वह वर्ष 2012 में सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे।
कुमार उन 113 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। पद्मश्री भारत के नागरिक सम्मानों की श्रृंखला में चौथा सर्वोच्च पुरस्कार है, जो विशिष्ट सेवा देने वाले व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है।
कुमार ने पीटीआई-भाषा से कहा, "यह उन सभी टीमों को मिला सम्मान है, जिनके साथ मैंने काम किया है।"
सरकारी प्रशस्ति पत्र में कहा गया है कि बेंगलुरु और चेन्नई में रह रहे कुमार जंगल युद्ध और उग्रवाद-रोधी अभियानों में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं।
उन्हें नक्सलियों और वीरप्पन के खिलाफ बड़े अभियानों तथा रणनीतिक पुलिसिंग के "प्रमुख शिल्पकार" के रूप में योगदान के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है।
सीआरपीएफ के महानिदेशक के रूप में कार्यकाल के दौरान, नवंबर 2011 में पश्चिम बंगाल में सीआरपीएफ की कोबरा इकाई के कमांडो ने माओवादी नेता किशनजी को मार गिराया था।
कुमार 2012 में सीआरपीएफ के महानिदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद उन्हें गृह मंत्रालय (एमएचए) में सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया।
वह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के सलाहकार के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं और 2019 में उन्हें फिर से गृह मंत्रालय में वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया था।
वह तमिलनाडु पुलिस के उस विशेष कार्य बल के प्रमुख रहे जिसने कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन को ढेर किया था। इसके अलावा, वह चेन्नई के पुलिस आयुक्त और कश्मीर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिरीक्षक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
वीरप्पन को वर्ष 2004 में "कोकून" नामक एक सुनियोजित अभियान में मार गिराया गया था, जिसका नेतृत्व कुमार ने किया था। इस अभियान पर उन्होंने "वीरप्पन: चेज़िंग द ब्रिगैंड" नामक पुस्तक भी लिखी है।
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