गणतंत्र दिवस परेड में अपनी सैन्य शक्ति और विकास यात्रा प्रदर्शित करेगा भारत
नरेश
- 25 Jan 2026, 07:20 PM
- Updated: 07:20 PM
नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) भारत सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में अपनी विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करेगा। इस दौरान हाल ही में गठित सैन्य इकाइयों के साथ-साथ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तैनात प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे।
कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह का थीम 'वंदे मातरम के 150 वर्ष' है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस समारोह की अगुवाई करेंगी, जो सुबह 10:30 बजे शुरू होगा और लगभग 90 मिनट तक चलेगा।
समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाने से होगी जहां वह शहीदों को पूरे राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि देने के लिए पुष्पचक्र अर्पित करेंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्य अतिथियों के 'पारंपरिक बग्गी' में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने की संभावना है। राष्ट्रपति मुर्मू के साथ उनके अंगरक्षक भी होंगे जो उन्हें सुरक्षा प्रदान करेंगे।
करीब 100 सांस्कृतिक कलाकार परेड की शुरुआत करेंगे, जिसका विषय 'विविधता में एकता' होगा। यह परेड संगीतमय वाद्यों का भव्य प्रदर्शन होगी जो देश की एकता और समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करेगी। 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के ध्वज फॉर्मेशन में चार एमआई-17 चार हेलीकॉप्टर पुष्प वर्षा करेंगे।
इसके बाद परेड की शुरुआत होगी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सलामी लेंगी। परेड का नेतृत्व परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भावनिश कुमार, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, दिल्ली एरिया करेंगे, जो दूसरे पीढ़ी के अधिकारी हैं।
सर्वोच्च वीरता पुरस्कारों के गौरवशाली विजेता भी इसमें शामिल होंगे। इस दल में परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) योगेंद्र सिंह यादव (सेवानिवृत्त) और सूबेदार मेजर संजय कुमार शामिल होंगे।
अशोक चक्र विजेता मेजर जनरल सी. ए. पिथावालिया (सेवानिवृत्त) और कर्नल डी. श्रीराम कुमार भी दल का हिस्सा होंगे।
परेड में यूरोपीय संघ (ईयू) की एक छोटी सैन्य टुकड़ी भी शामिल होगी।
पहली बार, परेड में भारतीय सेना का चरणबद्ध 'बैटल ऐरे फॉर्मेट' प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें हवाई घटक भी शामिल होगा। इसमें एक उच्च गतिशीलता वाला टोही वाहन और भारत का पहला स्वदेश निर्मित बख्तरबंद हल्का विशेष वाहन शामिल होगा।
अधिकारियों ने बताया कि हवाई सहायता स्वदेशी ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और इसका सशस्त्र संस्करण, रुद्र, प्रहार फॉर्मेशन में प्रदान करेंगे। ये युद्धक्षेत्र की रणनीति का प्रदर्शन करेंगे।
इसके बाद, सलामी मंच के सामने से टी-90 भीष्म और मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन अपाचे एएच-64ई और आसमान में प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर गुजरेंगे।
अन्य मेकनाइज्ड कॉलम में बीएमपी-दो इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल के साथ नाग मिसाइल सिस्टम (ट्रैक्ड) एमके-2 शामिल होंगे।
सेना के तीनों अंगों की एक झांकी में मई की शुरुआत में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना द्वारा तैनात प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल होंगे। यह परेड का प्रमुख आकर्षण रहने की संभावना है।
यह झांकी भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों के प्रति निर्णायक प्रतिक्रिया देने के संकल्प का प्रतिनिधित्व करेगी।
भारतीय नौसेना की टुकड़ी 144 युवा अधिकारियों और जवानों की होगी, जिसका नेतृत्व कॉन्टीजेंट कमांडर के तौर पर लेफ्टिनेंट करन नाग्याल करेंगे, जबकि लेफ्टिनेंट पवन कुमार गांडी, लेफ्टिनेंट प्रीति कुमारी और लेफ्टिनेंट वरुण द्वेरेरिया प्लाटून कमांडर के तौर पर करेंगे।
इसके बाद नौसेना की झांकी होगी, जो 'मजबूत राष्ट्र के लिए मजबूत नौसेना' विषय का जीवंत चित्रण करेगी। इस झांकी में पांचवीं शताब्दी ईस्वी की पारंपरिक नौका शामिल होगी, जिसे अब आईएनएसवी कौंडिन्य नाम दिया गया है। साथ ही अग्रणी स्वदेशी प्लेटफ़ॉर्म, जैसे विमान वाही पोत आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि भी शामिल होंगे।
झांकी में आईएनएसवी तारिणी द्वारा 'नाविका सागर परिक्रमा-दो' अभियान के दौरान अपनाये गए परिक्रमा मार्ग का भी चित्रण होगा। इसके अलावा, मुंबई में समुद्री कौशल सिखाने वाली गैर-सरकारी संस्था सी कैडेट्स कॉर्प्स के युवा कैडेट भी झांकी के साथ मार्च करेंगे।
भारतीय वायुसेना की टुकड़ी चार अधिकारियों और 144 एयरमेन का होगा। टुकड़ी कमांडर स्क्वाड्रन लीडर जगदेश कुमार होंगे, जबकि स्क्वाड्रन लीडर निकिता चौधरी, फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रखर चंद्राकर और फ्लाइट लेफ्टिनेंट दिनेश सुपरन्यूमेररी अधिकारी के रूप में होंगे।
अधिकारियों ने बताया कि इस मार्चिंग दस्ते के साथ हवाई फ्लाई-पास्ट भी होगा, जिसमें दो राफेल, दो मिग-29, दो सुखोई-30 और एक जैगुआर विमान 'स्पीयरहेड' फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे, जो "सिंदूर फॉर्मेशन" का प्रतीक होगा।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) अपनी हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल एलआर-एएसएचएम का प्रदर्शन करेगा। यह मिसाइल स्थिर और गतिशील लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम है और विभिन्न प्रकार के पेलोड ले जाने के लिए डिजाइन की गई है।
इस साल कुल 30 झांकी कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत होंगी। इसमें से 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की और 13 विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की होंगी।
इस वर्ष लगभग 2,500 सांस्कृतिक कलाकार हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से कर्तव्य पथ पर प्रदर्शन करेंगे।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के मोटरसाइकिल सवारों की संयुक्त टीम 'डेयर डेविल्स' दर्शकों को रोमांचित करेगी।
हवाई फ्लाई-पास्ट में 29 विमान शामिल होंगे। इनमें 16 लड़ाकू विमान, चार परिवहन विमान और नौ हेलीकॉप्टर होंगे। इसमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29 और जैगुआर विमान शामिल हैं। साथ ही रणनीतिक विमान सी-130 और सी-295 और भारतीय नौसेना का पी-8आई विमान भी शामिल होगा। फॉर्मेशन में अर्जन, वज्रांग, वरुण और विजय शामिल होंगे।
भाषा अमित नरेश
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