केरल: यूडीएफ और माकपा ने प्रस्तावित हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का स्वागत किया
धीरज
- 25 Jan 2026, 05:41 PM
- Updated: 05:41 PM
कोच्चि, 25 जनवरी (भाषा) केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने रविवार को प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का स्वागत किया और कहा कि यह परियोजना राज्य के लिए फायदेमंद होगी।
'मेट्रोमैन' ई श्रीधरन ने शनिवार को कहा था कि केरल में एक हाई-स्पीड रेल नेटवर्क देखने को मिल सकता है क्योंकि केंद्र द्वारा जल्द ही परियोजना की औपचारिक घोषणा किए जाने की उम्मीद है।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने कहा कि केरल को एक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की आवश्यकता है और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ इस परियोजना का विरोध नहीं करता है।
उन्होंने कहा कि यूडीएफ ने राज्य सरकार की सिल्वरलाइन परियोजना का विरोध इसके वित्तीय निहितार्थों और पर्यावरणीय चिंताओं के कारण किया था।
सतीशन ने यहां पत्रकारों से कहा, ''वह परियोजना अव्यावहारिक थी। उसमें कोई उचित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) नहीं थी। यह पर्याप्त अध्ययन या पर्यावरण प्रभाव आकलन के बिना जल्दबाजी में तैयार किया गया प्रस्ताव था। इसीलिए हमने इसका विरोध किया था।''
उन्होंने कहा कि एक वैकल्पिक परियोजना पर विचार किया जा सकता है, क्योंकि राज्य को एक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, ''तो इसे आने दीजिए। उन्हें डीपीआर तैयार करने दीजिए।''
विपक्ष के नेता ने यह भी कहा कि प्रस्तावित परियोजना आगामी विधानसभा चुनावों को प्रभावित नहीं करेगी और लोग केवल रेल लाइन के प्रस्ताव के कारण किसी को भी वोट नहीं देंगे।
राज्य के खेल मंत्री वी अब्दुरहीमान ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी प्रस्ताव की जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने इसका स्वागत करते हुए कहा कि जनता को हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से फायदा होगा।
उन्होंने हालांकि उम्मीद जताई कि यह प्रस्ताव सबरी रेल और गुरुवायूर रेल जैसी कई पिछली परियोजनाओं की तरह महज एक घोषणा बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ''यह आगामी चुनावों से पहले की गई मात्र एक घोषणा बनकर नहीं रह जानी चाहिए।''
श्रीधरन ने शनिवार को कहा था कि यह नेटवर्क तिरुवनंतपुरम से कन्नूर तक के यात्रा समय को घटाकर 3.15 घंटे कर देगा।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के पूर्व प्रबंध निदेशक श्रीधरन ने कहा था कि हाई स्पीड रेल परियोजना के लिए एक कार्यालय पहले ही स्थापित किया जा चुका है और वहां दो फरवरी से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का काम शुरू हो जाएगा।
उन्होंने कहा था कि मंजूरी मिलने के बाद, रेल परियोजना - जो वामपंथी सरकार की महत्वाकांक्षी 'सिल्वरलाइन' की जगह लेगी - पांच साल में 86,000 करोड़ रुपये से एक लाख करोड़ रुपये की लागत से पूरी हो जाएगी।
भाषा
देवेंद्र धीरज
धीरज
2501 1741 कोच्चि