सीईओ ने युवा मतदाताओं से गलत सूचनाओं से सतर्क रहने का आग्रह किया
नरेश
- 25 Jan 2026, 05:31 PM
- Updated: 05:31 PM
पुडुचेरी, 25 जनवरी (भाषा) पुडुचेरी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) पी. जवाहर ने रविवार को पहली बार मतदान करने वाले और युवा मतदाताओं से चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत सूचनाओं के प्रति सतर्क रहने की अपील की।
16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर जवाहर ने निष्पक्ष चुनाव कराने की चुनौतियों पर प्रकाश डाला और युवा मतदाताओं से भ्रामक सामग्री के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया।
उपस्थित लोगों को अपने मतदान में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इस वर्ष के समारोह की थीम 'माय इंडिया, माय वोट' रही।
सीईओ ने कहा कि पुडुचेरी में चुनाव के दौरान नकद के बदले वोट (कैश-फॉर-वोट) एक गंभीर समस्या है।
उन्होंने कहा, "मतदाताओं को किसी भी कीमत पर 'कैश-फॉर-वोट' का शिकार नहीं होना चाहिए और बिना समझौता किए इसका विरोध करना चाहिए।"
उन्होंने चेताया कि यदि मतदाता नकद के लालच में वोट देते हैं तो वे बुनियादी सुविधाओं की मांग करने का नैतिक अधिकार खो देते हैं।
जवाहर ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को एक अभूतपूर्व प्रक्रिया बताते हुए कहा कि चुनावी कार्य कई चुनौतियों के बीच संपन्न किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि एसआईआर को लागू करने में तैनात अधिकारी अहम भूमिका निभाते हैं और उन्हें प्रक्रिया की शुचिता से समझौता किए बिना अपने दायित्व निभाने चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा पुडुचेरी में बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) और अन्य कर्मचारियों के कार्य की नयी दिल्ली में समीक्षा बैठकों के दौरान लगातार सराहना की गई है।
उन्होंने युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं से केंद्र शासित प्रदेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने में ईमानदारी से भाग लेने की अपील की।
जवाहर ने बताया कि निर्वाचन विभाग ने युवा मतदाताओं के नामांकन पर विशेष जोर दिया है और 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को फॉर्म-6 के माध्यम से पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
कार्यक्रम को पुडुचेरी के जिला निर्वाचन अधिकारी ए. कुलोथुंगन ने भी संबोधित किया।
एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश में कुल 10.2 लाख मतदाताओं में से 9.18 लाख मतदाताओं यानी 89.87 प्रतिशत ने गणना प्रपत्र जमा किए जो मतदाता सूची पुनरीक्षण में व्यापक जनभागीदारी और सहयोग को दर्शाता है।
विज्ञप्ति में कहा गया कि मृत्यु, प्रवासन, अनुपस्थिति या एक से अधिक नामांकन जैसे कारणों से 1.03 लाख प्रपत्र एकत्र नहीं किए जा सके।
इसमें यह भी बताया गया कि प्रारूप मतदाता सूची 16 दिसंबर को प्रकाशित की गई थी और डिजिटल तथा मुद्रित दोनों स्वरूपों में उपलब्ध कराई गई। साथ ही, बिना नोटिस, सुनवाई और अपील की प्रक्रिया के किसी भी नाम को हटाया नहीं गया।
भाषा
राखी नरेश
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