गत 11 साल में रिकॉर्ड भर्ती हुई, 20 लाख से अधिक रुकी हुई पदोन्नतियों को मंजूरी दी गई: जितेंद्र सिंह
देवेंद्र
- 24 Jan 2026, 06:52 PM
- Updated: 06:52 PM
नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए रिकॉर्ड संख्या में नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं और गत 11 वर्षों के राजग शासन में 20 लाख से अधिक लंबित पदोन्नतियों को मंजूरी दी गई।
सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित रोजगार मेला कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरकारी सेवाओं में भर्ती को उम्मीदवारों के लिए अधिक अनुकूल बनाने के उद्देश्य से किये गये कई सुधारों का उल्लेख किया।
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि तीन प्रमुख केंद्रीय भर्ती एजेंसियों संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) और रेलवे भर्ती बोर्ड के माध्यम से नियुक्तियों में तेजी से वृद्धि हुई है।
उन्होंने दावा किया कि 2004 से 2014 की अवधि में इन तीनों एजेंसियों ने कुल 7.22 लाख नियुक्तियां कीं। हालांकि, 2014 के बाद से यह संख्या डेढ़ गुना बढ़कर 10.96 लाख हो गई है।
सिंह ने आरक्षित श्रेणियों से संबंधित लंबित रिक्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि जहां पहले केवल 1.08 लाख ऐसी नियुक्तियां की गई थीं, वहीं पिछले 11 वर्षों में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग चार गुना यानी 4.79 लाख हो गया है।
उन्होंने कहा, ''पिछले 11 वर्षों में 20 लाख से अधिक लंबित पदोन्नतियों को मंजूरी दी गई है, जिससे लंबे समय से चले आ रहा गतिरोध खत्म हुआ है। इससे पहले पदोन्नति लंबित होने के कारण कई सरकारी कर्मचारी उसी पद से सेवानिवृत्त होते थे जिस पर उन्हें नियुक्त किया गया था।''
उन्होंने महिला आरक्षियों की संख्या में वृद्धि की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में किए गए नीतिगत परिवर्तनों के कारण सुरक्षा बलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।
सिंह ने कहा कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के पुरुष दस्ते का नेतृत्व एक महिला सहायक कमांडेंट करेंगी।
मंत्री ने कहा कि रोजगार मेले की परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 अक्टूबर, 2023 को की थी, जिसका उद्देश्य सरकारी भर्तियों में तेजी लाना और भर्ती प्रक्रिया को अधिक कुशल और निष्पक्ष बनाना था।
सिंह ने सुधारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एसएससी ने एक नया डिजिटल पोर्टल शुरू किया है, जिससे उम्मीदवार अपनी पसंद के परीक्षा केंद्र और तिथियां चुन सकते हैं, उत्तर कुंजी प्राप्त कर सकते हैं और ऑनलाइन शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि यूपीएससी ने आधार और डिजीलॉकर से जुड़ी एक एकीकृत एकमुश्त पंजीकरण प्रणाली शुरू की है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए देशभर में उनकी पसंद के परीक्षा केंद्रों का आवंटन सुनिश्चित किया गया है।
उन्होंने 'प्रतिभा सेतु' का भी उल्लेख किया, जिसके तहत अंतिम परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने के बावजूद नियुक्ति न पाने वाले उम्मीदवारों को उनकी योग्यताओं के अनुरूप वैकल्पिक रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाता है।
भाषा धीरज देवेंद्र
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