यूडीएफ संयोजक अडूर प्रकाश ने शबरिमला सोना चोरी के आरोपी से कई बार मिलने की बात स्वीकारी
वैभव
- 23 Jan 2026, 04:33 PM
- Updated: 04:33 PM
तिरुवनंतपुरम/नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) संयोजक और कांग्रेस सांसद अडूर प्रकाश ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि वह शबरिमला सोने की चोरी मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी से कई बार मिले थे, लेकिन उन्होंने इस मामले से खुद को जोड़ने वाले आरोपों को खारिज कर दिया।
हाल में पोट्टी के साथ एक तस्वीर सामने आने के बाद प्रकाश नई दिल्ली में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह विवाद ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब केरल में यूडीएफ के लिए अनुकूल राजनीतिक माहौल बन रहा है।
उन्होंने कहा, "अगर कोई मुझे गलत व्यक्ति के रूप में चित्रित करने की कोशिश कर रहा है, तो केरल के लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। केरल के लोग हर बात को समझते और परखते हैं।"
प्रकाश ने कहा कि उनकी पहली मुलाकात पोट्टी से 2019 में हुई थी, जब वह अटिंगल लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए थे।
उन्होंने कहा, "पोट्टी ने मुझे शबरिमला मंदिर में अन्नदानम के लिए आमंत्रित किया और मैंने उसमें भाग लिया।"
उन्होंने कहा कि पोट्टी के पिता की मृत्यु के बाद भी वह उनके घर गए थे।
प्रकाश ने कहा, "यह सच है कि मैं उनके घर गया था और अगर कोई इसके बारे में पूछेगा तो मैं यह बताने के लिए तैयार हूं।"
उन्होंने यह भी बताया कि वह केपीसीसी नेता रेमानी नायर के साथ वेंजारामूडु स्थित पोट्टी की बहन के घर गए थे।
उन्होंने कहा, "मुझे उस यात्रा का उद्देश्य याद नहीं है। मैं वहां इसलिए गया था क्योंकि ये लोग मेरे निर्वाचन क्षेत्र से हैं।"
प्रकाश ने कहा कि उनकी पोट्टी से पहली मुलाकात 2019 में ही हुई थी और उस समय उनकी पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी नहीं थी।
प्रकाश ने एक घटना का भी जिक्र किया जिसमें पोट्टी ने बेंगलुरु यात्रा के दौरान उन्हें एक पैकेट उपहार में दिया था। उन्होंने कहा, "उसमें खजूर थे, और मैंने उसे वहां किसी को सौंप दिया।"
अभियुक्त से किसी भी प्रकार का लाभ प्राप्त करने के आरोपों का खंडन करते हुए प्रकाश ने कहा, "मैं स्पष्ट रूप से कह सकता हूं कि यह उस चीज का हिस्सा नहीं था जो पोट्टी ने कथित तौर पर शबरिमला से चुराई थी।"
तस्वीर में पोट्टी द्वारा सौंपे जा रहे कवर के बारे में पूछे जाने पर, प्रकाश ने कहा कि यह पोट्टी की बहन के घर पर आयोजित एक समारोह से संबंधित निमंत्रण पत्र था।
उन्होंने यह भी कहा कि जब पोट्टी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से मुलाकात की थी तब वह वहां मौजूद थे, लेकिन उन्होंने इस आरोप से इनकार किया कि उन्होंने बैठक कराई थी।
उन्होंने कहा, "एक सार्वजनिक व्यक्ति होने के नाते, जब लोग मुझे कार्यक्रमों में आमंत्रित करते हैं तो मैं उनमें शामिल होता हूं। यदि मैं उपस्थित नहीं हो पाता, तो मैं बाद में उनसे मिलने जाता हूं।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस के भीतर से कोई इन आरोपों के पीछे है, तो उन्होंने कहा, "ऐसा हो सकता है। मैंने पहले भी ऐसी घटनाओं का सामना किया है, इसलिए हो सकता है कि कांग्रेस के भीतर या बाहर के लोग इसमें शामिल हों। लेकिन मैं किसी पर आरोप नहीं लगा रहा हूं।"
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने भी प्रकाश का बचाव करते हुए कहा कि पोट्टी को जानने से शबरिमला सोने की चोरी के मामले से उनका संबंध नहीं जुड़ जाता।
सतीशन ने कहा, "इसका शबरिमला स्वर्ण मामले से क्या लेना-देना है? स्वर्ण चोरी 2019 में हुई थी जब एलडीएफ सत्ता में थी।"
उन्होंने कहा कि माकपा विधायक और पूर्व मंत्री कडाकम्पल्ली सुरेंद्रन के खिलाफ लगे आरोप और पोट्टी के साथ हुई मुलाकात अलग-अलग बातें थीं।
सतीशन ने कहा, "उस समय सुरेंद्रन देवस्वओम मंत्री थे। शबरिमला में कोई भी निर्णय बोर्ड के सदस्यों द्वारा उनसे चर्चा किए बिना नहीं लिया जाता।"
सतीशन ने यह भी कहा कि कई लोग बिना पूर्व समय लिए सोनिया गांधी से मिलते हैं। उन्होंने कहा, "कोई भी यहां आ सकता है। बहुत से लोग उनसे हर दिन मिलते हैं।"
भाषा तान्या वैभव
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