पिक्सल के नेतृत्व वाले समूह ने वाणिज्यिक उपग्रह समूह के लिए इनस्पेस के साथ समझौता किया
मनीषा
- 21 Jan 2026, 05:36 PM
- Updated: 05:36 PM
नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) बेंगलुरु स्थित 'पिक्सल स्पेस' के नेतृत्व वाले स्टार्ट-अप का एक समूह, भारत के निजी क्षेत्र द्वारा निर्मित राष्ट्रीय पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह समूह के उपग्रहों का पहला सेट संभवत: अगले साल प्रक्षेपित करेगा।
पिक्सल के नेतृत्व वाले समूह 'अलाइड ऑर्बिट्स' ने भारत का पहला स्वदेशी वाणिज्यिक पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह समूह बनाने के लिए बेंगलुरु स्थित भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (इनस्पेस) के साथ मंगलवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
कुल 12 उपग्रहों वाले इस समूह का निर्माण और प्रक्षेपण करने वाले अन्य साझेदार पियरसाइट, सैटश्योर एनालिटिक्स इंडिया और ध्रुव स्पेस हैं।
पिक्सल स्पेस के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अवैस अहमद ने कहा, ''1,200 करोड़ रुपये से अधिक की इस राष्ट्रीय परियोजना को भारतीय स्टार्टअप के एक समूह को सौंपकर, सरकार ने देश के निजी अंतरिक्ष परिवेशी तंत्र और वैश्विक स्तर पर बुनियादी ढांचा प्रदान करने की उसकी क्षमता को मान्यता दी है।''
पिक्सल ने बताया कि 2027 की पहली तिमाही तक समूह की योजना शुरुआती चार उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करने की है, जबकि शेष उपग्रह समूह को इसके बाद के वर्षों में चरणबद्ध तरीके से प्रक्षेपित किया जाएगा।
ये 12 उपग्रह अत्यंत उच्च-रिजोल्यूशन वाली ऑप्टिकल, मल्टीस्पेक्ट्रल, सिंथेटिक अपर्चर रडार (एसएआर) एवं हाइपरस्पेक्ट्रल इमेज प्रदान करेंगे और इनस्पेस के माध्यम से समन्वित व्यवस्था के तहत भारतीय सरकारी उपयोगकर्ताओं को पृथ्वी-अवलोकन (ईओ) आंकड़ों तक भरोसेमंद पहुंच मिलेगी।
अहमद ने कहा, "भारत सरकार की आवश्यकताओं को हमेशा प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, यह समूह वैश्विक स्तर पर वाणिज्यिक ग्राहकों को भी सेवाएं प्रदान करेगा।"
यह मिशन समूह को कृषि, पर्यावरण, अवसंरचना, ऊर्जा और समुद्र जैसे क्षेत्रों में पृथ्वी-अवलोकन आंकड़ों के वैश्विक वाणिज्यीकरण में भी सक्षम बनाएगा।
अहमद ने कहा कि इस परियोजना को समूह के सदस्य अपनी पूंजी से वित्त पोषित करेंगे, जिसमें पिक्सल कुल निवेश के आधे से अधिक का योगदान देगा।
बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप ने कहा कि यह मिशन ग्रह के स्वास्थ्य की निगरानी करने वाले एक उपकरण के रूप में काम करने के लिए एक पूर्ण-स्टैक इंटेलिजेंस और अवसंरचना परत बनाने के पिक्सल के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाता है।
पिक्सल ने कहा कि कभी-कभार के अवलोकन से आगे बढ़कर निरंतर समझ की ओर बढ़ते हुए, समूह का ग्रहीय बुद्धिमत्ता डेटा संकट बनने से पहले ही प्रवृत्तियों, जोखिम और अवसरों को उजागर करेगा।
पिक्सल के नेतृत्व वाले समूह ने भारत का पहला वाणिज्यिक पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह समूह बनाने का सरकारी अनुबंध पिछले साल अगस्त में हासिल किया था।
इस समूह ने उपग्रहों के समूह के डिजाइन, निर्माण और संचालन के लिए सरकार से मिलने वाली 350 करोड़ रुपये की सहायता को छोड़कर अनुबंध हासिल करने के लिए शून्य बोली लगाई थी।
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प्रशांत मनीषा
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