छत्तीसगढ़: मेडिकल उपकरण और रिएजेंट केमिकल की खरीद घोटाले में तीन लोग गिरफ्तार
ईडी ने एसीबी/ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की थी। संजीव जितेंद्र
- 19 Jan 2026, 11:16 PM
- Updated: 11:16 PM
रायपुर, 19 जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो/आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (एसीबी/ईओडब्ल्यू) ने 2023 में मेडिकल उपकरण और रिएजेंट केमिकल की खरीद में कथित अनियमितता के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
एसीबी के मुताबिक, इस घोटाले के कारण राज्य के खजाने को 550 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम (पंचकूला, हरियाणा) के निदेशक अभिषेक कौशल, श्री शारदा इंडस्ट्रीज (रायपुर) के प्रोपराइटर राकेश जैन और रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम (पंचकूला, हरियाणा) के लायजन ऑफिसर प्रिंस जैन को रविवार को गिरफ्तार किया।
उन्होंने बताया कि जैन, मोक्षित कॉर्पोरेशन (दुर्ग) के निदेशक शशांक चोपड़ा का जीजा है।
अधिकारियों ने बताया कि 22 जनवरी, 2025 को ‘छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ चार फर्मों ‘मोक्षित कॉर्पोरेशन’, ‘सीबी कॉर्पोरेशन’ (दुर्ग), रिकॉर्डर्स और श्री शारदा इंडस्ट्रीज (रायपुर) तथा अन्य के खिलाफ राज्य के खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने के लिए मामला दर्ज किया था।
उन्होंने बताया कि तीनों को सोमवार को यहां विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से तीनों आरोपियों को 27 जनवरी तक जांच एजेंसी की हिरासत में रिमांड पर भेज दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य की जनता को निःशुल्क डायग्नोस्टिक जांच उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पतालों, एफआरयू, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और उप स्वास्थ्य केन्द्रों में ‘हमर लैब’ योजना के अंतर्गत क्रय किए जाने वाले मेडिकल उपकरण व रिएजेंट्स की निविदा प्रक्रिया में मोक्षित कॉर्पोरेशन ने निविदा प्राप्त की।
उन्होंने बताया कि जांच में यह तथ्य सामने आया कि ‘रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘श्री शारदा इंडस्ट्रीज’ ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निविदा में भाग लेकर मोक्षित कॉर्पोरेशन को सहयोग किया।
अधिकारियों ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि निविदा प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करने के उद्देश्य से कुछ फर्मों द्वारा आपसी समन्वय किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि मोक्षित कॉर्पोरेशन ने ‘छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ को तीन गुना तक अधिक कीमत पर रिएजेंट्स और सामानों की आपूर्ति कर शासकीय राशि का दुरुपयोग करते हुए अनुचित भुगतान प्राप्त किया, जिससे शासन को लगभग 550 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति पहुंची।
पिछले साल जनवरी में शशांक चोपड़ा और मार्च में पांच सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था।
जांच एजेंसी ने अप्रैल, 2025 में विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में पिछले साल जुलाई में छत्तीसगढ़ में 20 जगहों पर छापेमारी के बाद 40 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति कुर्क की थी।
ईडी ने एसीबी/ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की थी। भाषा संजीव