स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान से रोकने के मामले में हस्तक्षेप करें प्रधानमंत्री: कांग्रेस
मनीषा
- 19 Jan 2026, 02:34 PM
- Updated: 02:34 PM
( दि14 दूसरे पैरा की दूसरी पंक्ति में एक शब्द सुधारते हुए रिपीट)
नयी दिल्ली , 19 जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को संगम में स्नान से कथित तौर पर रोके जाने की निंदा करते हुए सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘ ट्रिपल इंजन ’ सरकार पर एक संत का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।
पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि पूरा देश देख रहा है कि भाजपा के शासन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को ‘ जेड प्लस ’ श्रेणी की सुरक्षा मिलती है , लेकिन एक शंकराचार्य के साथ इस तरह का सुलूक किया जा रहा है।
उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में यह दावा भी किया कि यदि प्रधानमंत्री हस्तक्षेप नहीं करते हैं और हिंदुओं से माफी नहीं मांगते हैं तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि वह ‘ सनातनी ’ नहीं , ‘ धनातनी ’ हैं।
खेड़ा ने कहा , ‘‘ नरेन्द्र मोदी 12 साल से सत्ता में हैं और जिनकी मेहरबानी से ये सत्ता में बैठे हैं , उनके साथ कैसा सलूक किया जा रहा है , यह दुनिया देख रही है। क्या शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी का अपराध यही है कि वह आपकी जय - जयकार नहीं करते , निंदा करते हैं , आधे - अधूरे मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर आपत्ति जताते हैं , महाकुंभ की कुव्यवस्था पर सवाल उठाते हैं , कोविड के दौरान मां गंगा के आंचल में तैरती लाशों पर बात करते हैं। ’’
उन्होंने दावा किया , ‘‘ सच्चाई यही है कि नरेन्द्र मोदी न काम के हैं , न राम के हैं। ’’
खेड़ा ने कहा , ‘‘ माघ मेले में ' शाही स्नान ' की परंपरा पुरानी है , जिसे आज तक न अंग्रेजों ने रोका , न मुगलों ने रोका , लेकिन यह सरकार विघ्न डाल रही है। ’’
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग धर्म के पीछे छिपकर , सबको मूर्ख बनाते हैं और सिर्फ अमीरों का ध्यान रखते हैं।
उनका कहना था , ‘‘ ये जो हुआ है , उसमें प्रधानमंत्री को सामने आकर हस्तक्षे़प करना चाहिए , नहीं तो अपने आप को सनातनी मत कहिए , आप धनातनी ही रहेंगे। सवाल यह है कि क्या प्रधानमंत्री हिंदुओं से माफी मांगेंगे ?’’
बीते रविवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके समर्थकों को संगम में जाने से कथित तौर पर रोके जाने और विरोध करने पर कुछ समर्थकों की पिटाई किये जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया।
पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बिना किसी अनुमति के 200-250 समर्थकों के साथ पुल नंबर दो का अवरोधक तोड़कर स्नान घाट की तरफ प्रवेश किया।
वहीं , शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज को प्रशासन ने जानबूझकर स्नान करने से रोका तथा यह घटना पूरी तरह से सुनियोजित थी।
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