दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया, तीन गिरफ्तार
राखी पारुल
- 18 Jan 2026, 10:34 PM
- Updated: 10:34 PM
नयी दिल्ली, 18 जनवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने तीन संदिग्ध सदस्यों की गिरफ्तारी और चोरी की 16 महंगी गाड़ियों की बरामदगी के साथ एक अंतरराज्यीय मोटर वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि यह मामला पांच अगस्त को दिल्ली के पीतमपुरा से एक एसयूवी (हुंडई क्रेटा) की चोरी के बाद सामने आया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन प्राथमिकी दर्ज की गई और पिछले साल पांच सितंबर को मामला अपराध शाखा को सौंप दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, 24 दिसंबर को तब अहम सुराग हाथ लगा, जब एक टीम को जालंधर (पंजाब) के एक व्यक्ति के बारे में सूचना मिली, जो कथित तौर पर चोरी के वाहन प्राप्त करता था।
पुलिस के अनुसार, मुखबिर ने खुलासा किया कि मामले में शामिल एसयूवी समेत दिल्ली से चोरी हुए कई वाहन कथित तौर पर उसके कब्जे में थे। उसने बताया कि एक टीम ने 25 दिसंबर को जालंधर में छापा मारा और दमनदीप सिंह उर्फ लकी (42) को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर पुरानी कारों की खरीद-फरोख्त में शामिल था।
पुलिस ने बताया कि लकी के परिसर की तलाशी के दौरान चार 'किया सेल्टोस' कार बरामद की गईं, जिनकी बाद में दिल्ली से चोरी होने की बात सामने आई।
पुलिस ने बताया कि आगे की जांच में पता चला कि लकी कथित तौर पर वाहन चोरी, जालसाजी और पुनर्विक्रय में शामिल एक सुनियोजित अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना था।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से चोरी के वाहन और बकाया ऋण वाले वाहन प्राप्त करता था और उन्हें पंजाब ले जाता था।
अधिकारी ने बताया, “पूछताछ के दौरान, लकी ने खुलासा किया कि फर्जी पंजीकरण नंबर वाले चोरी के कई वाहन पीतमपुरा निवासी अमनदीप सिंह के माध्यम से दिल्ली में बेचे गए थे। इस सूचना के आधार पर, अमनदीप सिंह (39) को दिल्ली स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया गया। पता चला कि वह कीर्ति नगर में फर्नीचर की दुकान चलाता था और गिरोह के लिए बिचौलिए के रूप में काम करता था।”
पुलिस ने बताया कि अमनदीप कथित तौर पर दिल्ली से पंजाब तक चोरी के वाहनों को ले जाने में मदद करता था और दमनदीप और उसके साथियों को संभावित खरीदारों से मिलवाता था। उसकी सूचना पर चोरी की चार टोयोटा फॉर्च्यूनर एसयूवी बरामद की गईं।
पुलिस के मुताबिक, एक अन्य आरोपी, अरविंद शर्मा (38) की पहचान जाली वाहन दस्तावेज तैयार करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में की गई है।
पुलिस ने बताया कि शर्मा 2019 से फर्जी दस्तावेज बनाने में शामिल था और चोरी के वाहनों के अवैध पुनर्पंजीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
पुलिस ने बताया कि अब तक 16 महंगी गाड़ियां बरामद की जा चुकी हैं, जिनमें आठ टोयोटा फॉर्च्यूनर, पांच किया सेल्टोस, एक होंडा वेन्यू, एक हुंडई क्रेटा और एक महिंद्रा थार शामिल हैं। उसने कहा कि गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
भाषा
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