प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेलडांगा हिंसा के दौरान महिला पत्रकार पर हमले की निंदा की
राजकुमार माधव
- 17 Jan 2026, 10:23 PM
- Updated: 10:23 PM
(तस्वीरों के साथ)
मालदा, 17 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में हाल में हिंसा के दौरान एक महिला पत्रकार पर हुए कथित हमले की शनिवार को निंदा करते हुए पश्चिम बंगाल में ‘भय और धमकी के माहौल’ को समाप्त करने के लिए महिलाओं और युवाओं से आगे आने की अपील की।
झारखंड में एक प्रवासी मजदूर की मौत के बाद बेलडांगा में पैदा हुई अशांति का जिक्र करते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार के तहत पत्रकार और आम नागरिक असुरक्षित हैं।
मोदी ने यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘कल ही हमने देखा कि तृणमूल के गुंडों ने एक महिला पत्रकार के साथ कैसा दुर्व्यवहार किया। तृणमूल शासन में बेटियां स्कूलों और विश्वविद्यालयों में भी सुरक्षित नहीं हैं। पीड़ितों को बार-बार अदालतों का सहारा लेना पड़ता है।’’
उन्होंने कहा, “यह बदलना ही होगा। और यह बदलाव आपके एक वोट से ही आएगा। कमल को दिया गया आपका एक वोट बंगाल की खोई हुई शान को वापस लाएगा। तृणमूल की गुंडागर्दी के दिन अब गिने-चुने हैं। उनकी भय की राजनीति का अंत होगा।”
प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ते राजनीतिक ध्यान के बीच आई हैं। राज्य में महिलाएं तृणमूल कांग्रेस के लिए आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के उद्देश्य से बनाई गई कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से एक प्रमुख समर्थन आधार रही हैं।
बेलडांगा में हिंसा मुर्शिदाबाद के सुजापुर कुमारपुर ग्राम पंचायत के 36 वर्षीय अलाउद्दीन शेख की मौत से भड़की, जिसका शव शुक्रवार को झारखंड में उसके किराए के मकान से बरामद किया गया। वह वहां कबाड़ व्यापारी के रूप में काम करता था।
इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने महेशपुर में सियालदह-लालगोला रेलवे लाइन को अवरुद्ध कर दिया और राष्ट्रीय राजमार्ग 12 पर टायर जलाए। लगभग साढ़े पांच घंटे तक सड़क और रेल संपर्क ठप रहा। कई ट्रेन रुक गईं, जबकि सैकड़ों बसें और ट्रक फंसे रह गए।
कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा यातायात चौकी में तोड़फोड़ और पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचाने के बाद झड़पें शुरू हो गईं। अशांति के दौरान पथराव में पत्रकारों और पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 12 लोग घायल हो गए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिंसा के दौरान एक बंगाली समाचार चैनल की महिला पत्रकार पर बेरहमी से हमला किया गया।
पश्चिम बंगाल में राजनीति से ऊपर उठकर सभी दलों ने महिला पत्रकार पर हुए हमले की निंदा की है।
प्रधानमंत्री द्वारा लगाए गए आरोप का जवाब देते हुए तृणमूल के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री को यह स्पष्ट करना होगा कि उन्होंने भाजपा के लोकसभा सदस्य बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ क्या कार्रवाई की है, जिन्होंने 2023 में महिला कुश्ती टीम के सदस्यों का ‘अपमान’ किया था, जबकि पीड़ितों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं और उन्हें सांसद संसद की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन किया था।
जब सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था, तब वह भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष भी थे।
उन्होंने कहा,‘‘हमारे राज्य में, अगर किसी बहन या बेटी की कोई शिकायत आती है, तो हम उस पर तुरंत कार्रवाई करते हैं और ऐसे यौन दुर्व्यवहार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करते। बंगाल में महिलाएं सुरक्षित हैं और प्रधानमंत्री को भाजपा शासित राज्यों की स्थिति के बारे में सोचना चाहिए।’’
बेलडांगा में, जिला प्रशासन के आश्वासनों और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की शांति बनाए रखने की अपीलों के बावजूद, शनिवार को उस समय फिर तनाव फैल गया जब यह आरोप लगा कि इलाके के एक अन्य प्रवासी मजदूर की अन्य राज्य में पिटाई की गई।
क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि स्थिति और अधिक न बिगड़े।
भाषा
राजकुमार