एसआईआर के जरिए बंगाली मतदाताओं को बाहर करने की कोशिश : अभिषेक बनर्जी
खारी दिलीप
- 16 Jan 2026, 09:09 PM
- Updated: 09:09 PM
(फाइल फोटो के साथ)
कोलकाता, 16 जनवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए बंगाली मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि एक भी वास्तविक मतदाता का नाम हटाया गया, तो पार्टी व्यापक विरोध प्रदर्शन करेगी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के राज्यव्यापी अभियान ‘आबार जितबे बांग्ला’ (फिर जीतेंगे बंगाल) के तहत मेदिनीपुर में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया एक करोड़ से अधिक बांग्ला भाषी मतदाताओं के नाम हटाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग (ईसी) की ओर से मतदान अधिकारियों पर अनुचित दबाव डाला जा रहा है और मांग की कि किसी भी मतदाता को परेशान न किया जाए।
मेदिनीपुर की रैली में कथित तीन ‘मृत’ मतदाताओं को मंच पर पेश करते हुए बनर्जी ने कहा कि राज्य के एक करोड़ बांग्ला भाषी मतदाताओं के नाम हटाने की भाजपा की ‘‘साजिश’’ के तहत निर्वाचन आयोग एसआईआर के नाम पर वास्तविक मतदाताओं के नाम लापरवाही से हटा रहा है।
उन्होंने कहा, “मैं यहां मंच पर तीन लोगों को पेश कर रहा हूं। वे जीवित हैं, लेकिन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इन्हें नहीं देख पा रहे हैं। मेरा मानना है कि उन्हें ‘वैनिश कुमार’ कहा जाना चाहिए। कुमार जैसे अधिकारियों की मोतियाबिंद की सर्जरी किये जाने की आवश्यकता है, ताकि वे इन जीवित मतदाताओं को साफ-साफ देख सकें।”
यह सवाल उठाते हुए कि एसआईआर के चलते एक करोड़ वास्तविक मतदाताओं के नाम कैसे हट सकते हैं, बनर्जी ने कहा, “भाजपा के कहने पर निर्वाचन आयोग जल्दबाजी में दो महीने में ही एसआईआर प्रक्रिया पूरी कर रहा है, जबकि आमतौर पर इसमें दो साल लगते।”
सुनवाई शिविरों के नाम पर लोगों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए बनर्जी ने कहा कि आयोग ने सुनवाई की तारीख 16 जनवरी से तीन दिन बढ़ा दी है और पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि कि वे शांतिपूर्ण तरीके से सुनवाई शिविरों के बाहर मौजूद रहें, ताकि किसी भी मतदाता को परेशान न किया जाए।
उत्तर प्रदेश में कुंभ मेले के दौरान हुई भगदड़ का हवाला देते हुए बनर्जी ने हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा पर पाखंड का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “कम से कम 82 लोगों की जान गई। योगी आदित्यनाथ सरकार की लापरवाही छिपाने के लिए मृतकों की संख्या कम बताई गई। असली हिंदू-विरोधी कौन हैं, इसका फैसला जनता करेगी।”
केंद्र पर राज्य की निधि रोकने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इसके बावजूद राज्य ने अपने संसाधनों से आवास योजना के तहत 12 लाख परिवारों के लिए घर बनाए हैं और महिला सशक्तीकरण की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना कभी बंद नहीं होगी।
बनर्जी ने कहा कि मेदिनीपुर से भारतीय जनता पार्टी के दो विधायक उनके संपर्क में हैं और तृणमूल में शामिल होने को तैयार हैं, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए दरवाजे बंद रखे गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि खड़गपुर के भाजपा विधायक हिरन चटर्जी तृणमूल नेता अजीत मैती के साथ उनसे मिलने आए थे, लेकिन पार्टी ‘दलबदलुओं’ को शामिल नहीं करेगी।
भाषा खारी