योगी-मोदी सरकार वाराणसी की विरासत को नष्ट कर रही: कांग्रेस ने मणिकर्णिका पुनर्विकास की आलोचना की
पारुल माधव
- 16 Jan 2026, 04:52 PM
- Updated: 04:52 PM
नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि “योगी-मोदी सरकार” वाराणसी की विरासत को “पूरी तरह से नष्ट” कर रही है। पार्टी ने मणिकर्णिका घाट पर जारी पुनर्विकास कार्य को तत्काल रोकने की मांग की और कहा कि शहर के धार्मिक नेताओं से परामर्श के बाद ही आगे का काम किया जाए।
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया कि राज्य में “योगी-मोदी सरकार” केवल हिंदुत्व का समर्थन करने का दिखावा करती है, लेकिन वास्तविकता में वह “पूरी तरह से नास्तिक” है।
उन्होंने पार्टी नेता अभय दुबे के साथ यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2023 में मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण कार्य की आधारशिला रखी थी, लेकिन उन्होंने सौंदर्यीकरण के नाम पर घाट को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है।”
मणिकर्णिका घाट हिंदू धर्म के सबसे पुराने और सबसे पवित्र श्मशान घाटों में से एक है। ऐसा माना जाता है कि यहां दाह संस्कार से ‘मोक्ष’ प्राप्त होता है यानी जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिल जाती है, जिससे इसका धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व बहुत अधिक है।
प्रदर्शनकारियों ने मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास योजना के तहत विध्वंस अभियान का विरोध किया है और अहिल्याबाई होलकर की एक शताब्दी पुरानी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है, जिसे जिला प्रशासन ने खारिज कर दिया है।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बुधवार को कहा था कि संस्कृति विभाग ने कलाकृतियों को सुरक्षित कर लिया है और काम पूरा होने के बाद उन्हें उनके मूल स्वरूप में पुनः स्थापित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस सौंदर्यीकरण का उद्देश्य घाट पर स्वच्छता और स्थान प्रबंधन में सुधार करना है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में शवों के दाह संस्कार होते हैं।
राय ने आरोप लगाया, “भाजपा सरकार ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में गलियारे के नाम पर एक मॉल का निर्माण किया है। मॉल के निर्माण के लिए हजारों साल पुराने मंदिरों को ध्वस्त कर दिया गया और अक्षयवट वृक्ष को काटकर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।”
उन्होंने कहा कि मणिकर्णिका घाट, जिसका जीर्णोद्धार लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने किया था, पर लगी प्रतिमाओं को भाजपा सरकार ने तोड़ दिया है।
राय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि मणिकर्णिका घाट पर जारी पुनर्विकास कार्य तत्काल रोक दिया जाना चाहिए और शहर के धार्मिक नेताओं से परामर्श के बाद ही आगे का काम किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “दालमंडी में विध्वंस का काम भी रोका जाना चाहिए और इसके पुनर्वास के लिए पूर्ण व्यवस्था की जानी चाहिए। कांग्रेस बनारस में ऐसे गलत कार्यों को बर्दाश्त नहीं करेगी। हम जनता के साथ मजबूती से खड़े हैं और इस सरकार का डटकर सामना करेंगे।”
वहीं, दुबे ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने मणिकर्णिका घाट को नष्ट कर भगवान शंकर और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का अपमान किया है।
उन्होंने कहा, “यह एक जघन्य अपराध है, जो मोदी जी के इशारे पर हुआ है।”
कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर निशाना साधा था। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया था कि मोदी सिर्फ अपनी “नामपट्टिका लगवाने के लिए” हर ऐतिहासिक धरोहर को मिटाना चाहते हैं।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी इस मुद्दे पर मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा था, “विकास के नाम पर, चंद लोगों के व्यावसायिक हितों के लिए, देश की धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाना घोर पाप है।”
भाषा पारुल