दिल्ली सरकार ने आतिशी से विधानसभा में की गईं टिप्पणियों पर जवाब मांगा, पोस्टर जारी किए
शुभम संतोष
- 13 Jan 2026, 10:31 PM
- Updated: 10:31 PM
नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) दिल्ली सरकार ने इस महीने की शुरुआत में कथित तौर पर विधानसभा की कार्यवाही के दौरान की गईं टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया मांगते हुए नेता प्रतिपक्ष आतिशी के खिलाफ मंगलवार को पोस्टर दिखाए, जिन पर लिखा है, “आतिशी मर्लेना कहां हैं?”
दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह मुद्दा छह जनवरी को विधानसभा की कार्यवाही से संबंधित है, जब गुरु तेग बहादुर जी, भाई सति दास जी, भाई मति दास जी और भाई दयाला जी की शहादत के 350 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सदन में चर्चा की जा रही थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि चर्चा के दौरान आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और सदन की गरिमा को ठेस पहुंची।
मिश्रा ने कहा कि आतिशी घटना के बाद से विधानसभा, मीडिया और सार्वजनिक रूप से अनुपस्थित रहीं जबकि विधानसभा अध्यक्ष ने उनसे बार बार सदन में आकर उनके रुख पर स्पष्टीकरण देने को कहा है।
उन्होंने कहा कि सात जनवरी को पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में बयान को शब्दशः पढ़कर सुनाया था और उस समय किसी भी सदस्य ने कोई आपत्ति नहीं जताई।
इसपर पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा, "दो दिन पहले दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शिकायत की थी कि उनका मजाक उड़ाया जा रहा है और एक महिला होने के नाते उन्होंने सहानुभूति मांगी थी, लेकिन पिछले एक हफ्ते से पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी (जो खुद भी एक महिला हैं) को पूरी दिल्ली में आपत्तिजनक होर्डिंग्स लगाकर निशाना बनाया जा रहा है।"
भारद्वाज ने कहा कि एक फोरेंसिक रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी और उसमें झूठे शब्द जोड़े गए थे।
भारद्वाज ने कहा, "मैं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से पूछता हूं कि क्या आतिशी एक महिला नहीं हैं? यदि मानदंड आप पर लागू होते हैं तो उन पर भी लागू होने चाहिए। अन्यथा, यह नाटक और महिला कार्ड खेलना बंद करें।"
मिश्रा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस के संसाधनों का दुरुपयोग कर इस मामले को दबाने की कोशिश की गई।
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के बाहर झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई गईं और लोगों को डराने-धमकाने के प्रयास किए गए।
मिश्रा ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “आज हम आतिशी मर्लेना का एक पोस्टर जारी कर रहे हैं और चाहते हैं कि वह आगे आकर अपने बयान के लिए माफी मांगें।”
मिश्रा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील की कि वह इस मामले में पक्ष न बनें और पंजाब पुलिस को ऐसे मुद्दों से दूर रखा जाना चाहिए।
उन्होंने आतिशी से यह भी कहा कि वह मीडिया और जनता के सामने आएं और विधानसभा की विशेषाधिकार समिति तथा कानूनी प्रक्रिया का सामना करें।
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