ठाणे के लिए शिवसेना का घोषणापत्र जारी, शहर को झुग्गी-बस्ती मुक्त बनाने का किया वादा
सुमित नरेश
- 12 Jan 2026, 07:11 PM
- Updated: 07:11 PM
ठाणे, 12 जनवरी (भाषा) एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 15 जनवरी को होने वाले ठाणे महानगरपालिका चुनाव के लिए सोमवार को अपना घोषणापत्र जारी किया, जिसमें शहर को झुग्गी बस्ती मुक्त बनाने और 260 मीटर ऊंचा ‘व्यूइंग टावर’ बनाने का वादा किया गया है।
राज्य के मंत्री प्रताप सरनाइक और लोकसभा सदस्य नरेश म्हस्के समेत कई नेताओं ने आनंद आश्रम में घोषणापत्र जारी किया, जो शिंदे के दिवंगत मार्गदर्शक आनंद दिघे का कार्यालय है।
म्हस्के ने कहा कि इसमें बड़े पैमाने पर शहरी पुनर्विकास के जरिए झुग्गियों को खत्म करने और जारी क्लस्टर विकास योजनाओं को तेज करने की व्यापक योजना शामिल है।
उन्होंने कहा कि पार्टी मौजूदा क्लस्टर परियोजनाओं का उपयोग कर झुग्गीवासियों को स्थायी व उच्च गुणवत्ता वाले घर उपलब्ध कराएगी, जिससे शहर का स्वरूप आधुनिक शहरी केंद्र में बदल जाएगा।
घोषणापत्र में व्यापक सड़क निर्माण, नए फ्लाईओवर और बेहतर कनेक्टिविटी की योजनाएं शामिल हैं, ताकि नए विकसित आवासीय क्षेत्रों पर पड़ने वाला दबाव कम किया जा सके।
इसके साथ ही मोघरपाड़ा के पास 260 मीटर ऊंचा ‘व्यूइंग टावर’ बनाने का भी प्रस्ताव है।
घोषणापत्र में कहा गया है, “यह प्रतिष्ठित संरचना 8,000 करोड़ रुपये की बड़ी विकास परियोजना का हिस्सा होगी, जिसमें एक कन्वेंशन सेंटर, ऑडियंस गैलरी, होटल और मॉल शामिल होंगे। इस टावर से शहर और आसपास के इलाकों की झलक दिखाई देगी और ठाणे उन अंतरराष्ट्रीय शहरों की कतार में खड़ा होगा, जहां ऊंचे ऑब्जर्वेशन डेक होते हैं।”
सरनाईक ने कहा, "उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में किए गए उपायों से पानी की किल्लत बीते दौर की बात हो जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'आरोग्य आपल्या दारी' योजना लागू की जाएगी, साथ ही दिव्यांगों के लिए मनोरंजन केंद्र और रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। क्लस्टर योजना के तहत ‘वर्टिकल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’ बनाए जाएंगे और दादोजी कोंडदेव स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।"
शहर के विकास को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण होने के कारण यद्यपि भाजपा और शिवसेना ने पृथक घोषणापत्र जारी किए हैं, लेकिन म्हास्के ने स्पष्ट किया कि चुनाव के लिए दोनों दल एक एकजुट गठबंधन के रूप में मैदान में हैं।
इस बीच, महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को महायुति के पक्ष में रैलियां कीं और मतदाताओं से अपील की कि वे बागी उम्मीदवारों के दावों से "गुमराह" न हों।
जनसभाओं को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा, "अगर कोई (बागी उम्मीदवार) आपके पास आकर यह कहता है कि उसे हमारा समर्थन हासिल है, तो उनकी बातों में न आएं। हमारा समर्थन केवल महायुति के आधिकारिक उम्मीदवारों के लिए है।"
यह चुनाव प्रचार अभियान शिवसेना-भारतीय जनता पार्टी-रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (रिपाई) गठबंधन के भीतर एकजुटता का एक बड़ा प्रदर्शन रहा।
शिंदे ने नागरिकों को भरोसा दिलाया कि विकास कार्यों के लिए धन की कभी कमी नहीं होगी। उन्होंने रेखांकित किया कि घोड़बंदर के विकास के लिए 950 करोड़ रुपये पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं और आगे और भी राशि दी जाएगी।
उप-मुख्यमंत्री ने महिला मतदाताओं को आश्वस्त करते हुए इस बात पर जोर दिया कि 'लाडकी बहिन' जैसी कल्याणकारी योजनाएं स्थायी हैं।
भाषा
सुमित