आई-पैक पर ईडी की छापेमारी का मामला: प्रदर्शन करने पर हिरासत में लिये गए तृणमूल सांसद रिहा
नेत्रपाल सुरेश
- 09 Jan 2026, 09:35 PM
- Updated: 09:35 PM
(तस्वीरों सहित)
नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए यहां गृह मंत्रालय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे तृणमूल कांग्रेस के कई सांसदों को शुक्रवार को हिरासत में ले लिया गया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
तृणमूल नेताओं ने दावा किया कि उन्हें जबरन मौके से हटा दिया गया और घसीटकर ले जाया गया।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के कार्यालय और इसके प्रमुख के आवास पर छापेमारी किए जाने के एक दिन बाद तृणमूल नेताओं ने यह प्रदर्शन किया।
ईडी के अधिकारियों को बृहस्पतिवार को छापेमारी के दौरान बाधाओं का सामना करना पड़ा था। एजेंसी का दावा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी परिसर में दाखिल हुईं और जांच से संबंधित ‘‘महत्वपूर्ण’’ सबूत अपने साथ ले गईं।
इस संबंध में एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि सांसदों को हिरासत में लेकर संसद मार्ग थाने ले जाया गया, क्योंकि गृह मंत्रालय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सांसदों को अपराह्न करीब तीन बजे रिहा कर दिया।
तख्तियां लिये और ईडी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद और शर्मिला सरकार ने कर्तव्य भवन में प्रवेश करने की कोशिश की, जहां गृह मंत्रालय का कार्यालय है।
सांसदों को भवन में प्रवेश करने से रोक दिया गया, जिसके बाद उन्होंने क्षेत्र खाली करने के पुलिस के अनुरोध को अनसुना करते हुए गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्हें वहां से हटा दिया गया।
सोशल मीडिया पर आए वीडियो में ओ'ब्रायन, मोइत्रा, हलदर, रॉय और गोखले को उठाकर एक बस में धकेले जाने के दृश्य दिखे। इनमें से कई क्लिप तृणमूल ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर साझा कीं।
तृणमूल ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘अमित शाह, यह किस तरह का अहंकार है? क्या अब आप लोकतंत्र को कुचलने के लिए चुने हुए प्रतिनिधियों पर हमला करने के लिए दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल कर रहे हैं? क्या आपके भारत में असहमति को इसी तरह दबाया जाता है?’’
इसने कहा, ‘‘माना कि आप घबराए हुए हैं! पहले, ईडी का बेशर्मी से दुरुपयोग। अब, हमारे आठ सांसदों के शांतिपूर्ण धरने पर हमला। यह हताशा आपके डर को उजागर करती है। आप लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन बंगाल डरने वाला नहीं है। आप पर और आपकी पुलिस पर शर्म आती है!’’
सांसदों ने बस से कुछ वीडियो भी साझा किए, जिनमें वे केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए नजर आए।
मोइत्रा ने केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया की उस गलती पर भी कटाक्ष किया, जब उन्होंने हाल ही में कोलकाता स्थित दो फुटबॉल क्लबों के नामों का गलत उच्चारण किया था।
संसद मार्ग थाने में मोइत्रा ने पत्रकारों के साथ बातचीत में आरोप लगाया कि सरकार तृणमूल के राजनीतिक सलाहकार पर छापा डलवाकर पार्टी की चुनाव रणनीति को ‘‘चुराने’’ के लिए ईडी का इस्तेमाल कर रही है।
मोइत्रा ने कहा, “लोकतंत्र में पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि सरकार ने हमारे राजनीतिक सलाहकार से सूचना और चुनाव रणनीति चुराने के लिए ईडी को अपना एजेंट बनाया हो। वे दावा कर रहे हैं कि सात-दस साल पुराना घोटाला है। इतने दिनों में आप इसकी जांच नहीं कर पाए, अब चुनाव नजदीक आने पर आपको इसकी याद आई है।’’
पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से लोकसभा सांसद ने कहा, ‘‘ममता बनर्जी वहां गईं और चुनाव रणनीति लेकर चली गईं; वह भाजपा से लड़ने का तरीका दिखा रही हैं। बंगाल की जनता उन्हें (भाजपा को) सबक सिखाएगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, आपने देखा होगा कि हमें कैसे घसीटकर लाया गया, लेकिन हम दृढ़ हैं। यह हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है, वे हमें यहां घसीटकर लाए हैं।’’
वहीं, लोकसभा सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, ‘‘हम ईडी की असंवैधानिक छापेमारी के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। अमित शाह हमारी चुनाव रणनीति और उम्मीदवारों के नाम चुराना चाहते थे।’’
आजाद ने कहा, ‘‘हम जानना चाहते हैं कि ईडी सिर्फ विपक्ष पर ही हमला क्यों करती है?’’
उन्होंने कहा कि सत्ताधारी नेताओं ने नारायण राणे, अजित पवार और हिमंत विश्व शर्मा को भ्रष्ट करार दिया, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
राज्यसभा सदस्य गोखले ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘एसआईआर की विफलता के बाद, भाजपा ने अपने पुराने हथकंडे का सहारा लिया है, जिसमें वह केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग करती है।’’
उन्होंने पुलिस द्वारा सांसदों को हटाए जाने का वीडियो साझा करते हुए कहा, ‘‘आज हम तृणमूल के आठ सांसद दिल्ली में अमित शाह के कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे। हमें घसीटा गया, हमला किया गया और जबरन गिरफ्तार किया गया। इससे पता चलता है कि अमित शाह कितने डरे हुए हैं... सांसदों को बाल पकड़कर जमीन पर घसीटा जा रहा है।’’
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘लोकतंत्र को दंडित किया जा रहा है। अपराधियों को पुरस्कृत किया जा रहा है। एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। चुनावों में धांधली की जा रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रदर्शनकारियों को जेल में डालो। बलात्कारियों को जमानत पर रिहा करो। यही भाजपा का नए भारत का नारा है। भले ही बाकी देश को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर होना पड़े, बंगाल डटकर मुकाबला करेगा। हम डटकर लड़ेंगे और आपको हराएंगे, चाहे आप कितनी भी ताकत का इस्तेमाल करें।’’
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को ईडी पर आई-पैक प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कोलकाता स्थित तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में तलाशी के दौरान संगठन के आंतरिक डाटा और चुनाव रणनीति संबंधी दस्तावेजों को जब्त करने के प्रयास का आरोप लगाया था।
बनर्जी ने इन छापों को ‘‘बदले की राजनीति’’ करार दिया था और विपक्षी दलों को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया था।
तृणमूल नेताओं के अनुसार, आई-पैक पार्टी को राजनीतिक परामर्श सेवाएं प्रदान करती है और उसके आईटी एवं मीडिया संचालन का प्रबंधन करती है। उसे संवेदनशील आंतरिक दस्तावेजों तक पहुंच प्राप्त करने के प्रयास में निशाना बनाया जा रहा है।
पार्टी ने पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय स्तर पर ईडी की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन की घोषणा की है।
कोलकाता में ममता बनर्जी ने आई-पैक से जुड़े ईडी के छापों के खिलाफ मार्च का नेतृत्व किया।
भाषा
नेत्रपाल