कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ‘गांधी-वाद्रा’ परिवार के खर्चे उठा रही: भाजपा
धीरज नरेश
- 09 Jan 2026, 09:12 PM
- Updated: 09:12 PM
नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकारें सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ‘जीवनशैली’ के लिए पैसे मुहैया कराने के लिए मनमाने ढंग से उनकी ‘निजी समाचार पत्र’ नेशनल हेराल्ड को सरकारी धन उपलब्ध करा रही हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश सरकारों द्वारा अखबार को ‘विज्ञापनों के नाम पर’ दिए जा रहे धन का विवरण साझा किया और राहुल गांधी से पूछा कि क्या यह जनता के धन की लूट का उनका ‘‘खटाखट’’ मॉडल है।
भंडारी ने आरोप लगाया, ‘‘गांधी-वाद्रा परिवार भ्रष्टाचार का पर्याय बन गया है।’’
कांग्रेस की ओर से भाजपा के इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी की ओर से यह तीखा हमला राहुल गांधी के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने भाजपा को ‘भ्रष्ट जनता पार्टी’ करार दिया था। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया था कि विभिन्न राज्यों में इसकी ‘डबल इंजन’ वाली सरकारों ने भ्रष्टाचार, सत्ता के दुरुपयोग और अहंकार के जहर के माध्यम से लोगों के जीवन को बर्बाद कर दिया है।
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर हमला करने के लिए उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड, उत्तर प्रदेश में उन्नाव बलात्कार कांड और इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों सहित अन्य घटनाओं का हवाला दिया।
भाजपा प्रवक्ता ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी दोनों पर लगे धनशोधन के आरोपों की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘वे फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। ईडी एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) के खिलाफ धनशोधन की जांच कर रही है, जो नेशनल हेराल्ड की मूल कंपनी है, जिसे गांधी-वाद्रा परिवार की कांग्रेस का निजी अखबार माना जाता है।’’
भंडारी ने दावा किया कि नेशनल हेराल्ड को 2008 में बंद कर दिया गया था और आज उसका ‘सर्कुलेशन शून्य’ है, फिर भी कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकारें विज्ञापनों के नाम पर अखबार को धनराशि मुहैया करा रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘2023-24 में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने बंद पड़े अखबार को 1.90 करोड़ रुपये दिए। 2024-25 में कांग्रेस सरकार ने 1.42 करोड़ रुपये के विज्ञापन बजट का लगभग 69 प्रतिशत हिस्सा शून्य सर्कुलेशन वाले अखबार को दे दिया जिसके पास सड़कों के गड्ढे भरने और राज्य में विभिन्न योजनाओं के लिए धन नहीं है।’’
भंडारी ने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार एक लाख करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ तले दबी हुई है और उसके पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं हैं लेकिन उसने भी नेशनल हेराल्ड को 97 लाख रुपये दिए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह राहुल गांधी का मॉडल है। करदाताओं के पैसे की लूट करो और सार्वजनिक धन को अपने निजी समाचार पत्र के माध्यम से इस्तेमाल करके सोनिया गांधी और राहुल गांधी की जीवनशैली को वित्त पोषित करो।’’
भंडारी ने कांग्रेस और उसके नेतृत्व से जवाब मांगते हुए पूछा, ‘‘कांग्रेस सरकारें उस अखबार को चलाने के लिए किस तरह की विज्ञापन नीति अपना रही हैं, जो बंद पड़ा है और जिसकी बिक्री शून्य है? क्या यह भ्रष्टाचार का रास्ता नहीं है? क्या यह हितों का टकराव नहीं है?’’
भाषा धीरज