मध्याह्न भोजन घोटाले पर धारणा बनाने की कोशिश, सच्चाई जांच में सामने आएगी: डोटासरा
बाकोलिया जितेंद्र
- 09 Jan 2026, 09:00 PM
- Updated: 09:00 PM
जयपुर, नौ जनवरी (भाषा) कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार नौकरशाही को बदनाम करने और अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए झूठी धारणा बना रही है।
डोटासरा ने ‘मिड डे मिल’ योजना में कथित घोटाले के संबंध में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कई अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा दर्ज की गयी प्राथमिकियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा, “योजना के तहत भुगतान केवल कई अधिकारियों द्वारा सत्यापन और जिलाधिकारियों की मंजूरी के बाद ही किए गए थे। इसके बावजूद सरकार अब कह रही है कि घोटाला हुआ है। उन्होंने (राज्य सरकार ने) दो साल तक इस बारे में कुछ नहीं कहा और अब जब विधानसभा सत्र में उनसे सवाल पूछे जाने वाले हैं, तो अचानक यह कहानी गढ़ दी गई है।”
डोटासरा ने कहा, “जांच होने दीजिए, सच्चाई सामने आ जाएगी। हमें कोई समस्या नहीं है। लेकिन सनसनी फैलाकर वे राज्य की नौकरशाही को कमजोर कर रहे हैं। अधिकारी सरकारी योजनाओं को कैसे लागू करेंगे अगर उन्हें राजनीतिक लाभ के लिए बेवजह बदनाम किया जाएगा।”
उन्होंने कहा, “यह केवल धारणा बनाने का खेल है। जैसे 2जी स्पेक्ट्रम मामला था, वैसे ही झूठा साबित होगा।”
डोटासरा ने भाजपा पर “इवेंट मैनेजमेंट राजनीति” करने, सत्ता में बने रहने के लिए शक्ति का दुरुपयोग करने और जनता का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “चुनावों के दौरान वे (भाजपा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करते हैं, लोगों को गुमराह करते हैं और समाज को धार्मिक आधार पर ध्रुवीकृत करने की कोशिश करते हैं।”
एसीबी ने हाल ही में राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (कॉन्फेड) और निजी कंपनियों के कई अधिकारियों के खिलाफ कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान मिड डे मिल योजना के तहत खाद्य सामग्री की आपूर्ति में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का मामला दर्ज किया है।
एसीबी के अनुसार, महामारी के दौरान स्कूल बंद रहने पर विद्यार्थियों को दाल, तेल और मसालों वाले पैकेट दिए गए थे।
एसीबी ने बताया कि जांच में निविदा नियमों में हेरफेर, फर्जी आपूर्तिकर्ता और परिवहनकर्ता तथा वास्तविक आपूर्ति के बिना फर्जी बिलों पर भुगतान जारी करने की बातें सामने आई हैं।
भाषा बाकोलिया