अमित शाह तमिलनाडु में हिंदुओं की स्थिति को लेकर सरासर झूठ बोल रहे हैं : स्टालिन
धीरज वैभव
- 07 Jan 2026, 09:24 PM
- Updated: 09:24 PM
(तस्वीरों के साथ)
डिंडीगुल, सात जनवरी (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह आरोप कि तमिलनाडु में हिंदुओं के अधिकार छीने जा रहे हैं, सरासर गलत है और उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
मुख्यमंत्री ने यहां एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार सभी धर्मों के लोगों की आस्थाओं का सम्मान करती है और उनके धार्मिक अधिकारों की रक्षा करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘तमिलनाडु जैसे राज्य में गृह मंत्री का यह आरोप कि हिंदुओं के अधिकार छीने जा रहे हैं, सरासर गलत और उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। सच तो यह है कि राज्य में दंगे और विभाजन पैदा करने की मंशा रखने वालों की मानसिकता सफल नहीं हुई है।’’
स्टालिन ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह की घटना कभी नहीं होगी और ‘‘हम इसे होने नहीं देंगे।’’
सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘जब तक यह स्टालिन यहां है, ऐसा बिल्कुल नहीं होगा।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘तमिलनाडु में क्या हो रहा है, इसकी जानकारी शाह को नहीं है। अब तक हमारी सरकार ने 4,000 मंदिरों का प्रतिष्ठापन किया है। क्या आपने अपने राज्यों में ऐसा किया है? यकीनन, आपने नहीं किया होगा। इसके अलावा, 997 मंदिरों से संबंधित 7,701 करोड़ रुपये (7,655 एकड़ भूमि) की संपत्ति वापस प्राप्त कर ली गई है और सच्चे श्रद्धालु सरकार के इस कार्य की सराहना करते हैं।’’
स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु की यात्रा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने न केवल आरोप लगाए हैं बल्कि वही सवाल पूछे हैं जो हमें पूछना ज़रूरी था। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने हमारा काम आसान कर दिया है और इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं।
उन्होंने कहा, ‘‘अमित शाह ने जनता से पूछा, क्या तमिलनाडु में प्रधानमंत्री मोदी का शासन होना चाहिए या नहीं? और यही तो हम कहते आ रहे हैं।’’
स्टालिन ने कहा, ‘‘2026 के विधानसभा चुनाव यह तय करने के लिए हैं, क्या तमिलनाडु पर हमारा शासन होना चाहिए? या दूर दिल्ली के लोग हम पर शासन करें? और यह तमिलों के आत्मसम्मान के लिए एक चुनौती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ लोगों को यह समझाने की ज़रूरत नहीं है कि अगर आप ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम गठबंधन को वोट देंगे, तो तमिलनाडु में भाजपा का शासन होगा, क्योंकि शाह ने खुद यह बयान दिया है।’’
स्टालिन ने यह भी आरोप लगाया कि अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पाडी के पलानीसामी भाजपा के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, जो ‘‘तमिलनाडु पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति थोपती है, राज्य के लिए शिक्षा निधि जारी नहीं करती है, जो परिसीमन की आड़ में तमिलनाडु की लोकतांत्रिक शक्ति को कम करती है और उत्तरी राज्यों में तमिलों का अपमान करती है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि अन्नाद्रमुक सुप्रीमो जे जयललिता के निधन के बाद, तमिलनाडु में भाजपा का ‘छद्म’ शासन स्थापित हो गया था। स्टालिन ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में ही तमिलनाडु ने उबरना और फिर से मजबूती से खड़े होना शुरू किया है।
स्टालिन ने कहा कि केंद्र में राजग के 11 साल के शासन में तमिलनाडु के कल्याण के लिए कुछ भी नहीं किया गया और इसलिए, लोग उन पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं।
अमित शाह ने रविवार को तमिलनाडु के पुदुकोट्टई में एक जनसभा के दौरान द्रमुक पर राज्य में हिंदू धर्म और हिंदुओं की भावनाओं को लगातार अपमानित करने का आरोप लगाया था।
केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने हिंदुओं पर हुए ‘अत्याचारों’ को लेकर स्टालिन सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू पूजा-पाठ के तरीकों का ‘अपमान’ किया जा रहा है और दावा किया कि अयोध्या राम मंदिर भूमि पूजन के दौरान राज्य में ‘अघोषित कर्फ्यू लगा दिया गया था’।
शाह ने कहा, ‘‘उनके (द्रमुक के) वरिष्ठ नेता सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया कहते हैं। हिंदू शोभायात्राओं और (मूर्ति)विसर्जन पर रोक लगा दी गई है। मैं स्टालिन से कहना चाहता हूं कि आपने हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार करके संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन किया है।’’
भाषा धीरज