विभिन्न दलों के नेताओं ने जे बी पटनायक को श्रद्धांजलि दी
अमित अविनाश
- 03 Jan 2026, 10:22 PM
- Updated: 10:22 PM
भुवनेश्वर, तीन जनवरी (भाषा) ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री जानकी बल्लभ पटनायक की जयंती पर शनिवार को विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उन्हें प्रेरक गुरु तथा दूरदर्शी राजनेता बताया।
पटनायक को श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष एवं विपक्ष के नेता नवीन पटनायक, कांग्रेस और अन्य दलों के वरिष्ठ नेता यहां एकत्रित हुए। पटनायक को ‘जेबी’ भी कहा जाता था। उनका जन्म तीन जनवरी, 1927 को खुर्दा जिले में हुआ था।
माझी ने सभा को संबोधित करते हुए पूर्व कांग्रेस नेता जेबी पटनायक को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने 1980 से 1989 और फिर 1995 से 1999 के बीच तीन बार ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में और बाद में 2009 से 2014 तक असम के राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
उन्होंने कहा कि पटनायक का जीवन दृढ़ता, धैर्य और लोक सेवा के प्रति समर्पण की मिसाल है।
माझी ने कहा, “राज्य की राजनीति में कई लोगों के लिए, जानकी बल्लभ पटनायक एक प्रेरक शिक्षक थे। उनका जीवन हमें चुनौतियों से विचलित हुए बिना निरंतर काम करना सिखाता है।”
मुख्यमंत्री ने ओडिया भाषा, साहित्य और संस्कृति के संवर्धन में उनके योगदान और संगठनात्मक कौशल एवं दृढ़ संकल्प पर प्रकाश डाला।
माझी ने उन्हें एक पत्रकार, संपादक, विद्वान, अनुवादक और संस्कृत विशेषज्ञ के रूप में भी वर्णित किया।
नवीन पटनायक ने जे बी पटनायक ने ओडिशा के साहित्य, संस्कृति, कला, पत्रकारिता और राजनीति में व्यापक योगदान दिया। नवीन पटनायक ने उन्हें इन क्षेत्रों का “त्रिवेणी संगम” बताया।
वर्ष 2004 से 2009 तक विपक्ष के नेता के रूप में जेबी पटनायक के कार्यकाल को याद करते हुए, नवीन पटनायक ने कहा कि ओडिशा के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों का उनका गहन विश्लेषण राज्य के विकास के लिए मूल्यवान था।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने जेबी पटनायक को गुरु, अजातशत्रु और एक दूरदर्शी राजनेता बताया।
कांग्रेस सांसद एवं पार्टी महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पटनायक ने 1980 के दशक में गरीबों के लिए दो रुपये प्रति किलोग्राम चावल योजना की शुरुआत की थी, जिसे उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का अग्रदूत बताया।
उन्होंने खाद्य संकट से निपटने के लिए क्षेत्र आधारित औद्योगीकरण और कालाहांडी में ऊपरी इंद्रावती सिंचाई परियोजना शुरू करने का श्रेय भी पटनायक को दिया।
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री गिरिधर गमांग, कोरापुट सांसद सप्तगिरि उल्लाका, ओडिशा कांग्रेस प्रभारी अजय कुमार लल्लू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास, कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र कदम, पूर्व मंत्री नरसिंह मिश्रा और कई अन्य लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम का आयोजन जेबी पटनायक सतवार्षिकी समन्वय समिति द्वारा किया गया था। जेबी पटनायक का 21 अप्रैल, 2015 को निधन हो गया था।
भाषा अमित