कमांडर बदसे सुक्का के नेतृत्व में 20 माओवादियों ने तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया
पारुल रंजन
- 03 Jan 2026, 10:01 PM
- Updated: 10:01 PM
हैदराबाद, तीन जनवरी (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी (भाकपा-माओवादी) के शीर्ष कमांडर बदसे सुक्का उर्फ देवा ने इस प्रतिबंधित संगठन के 19 भूमिगत लड़ाकों के साथ तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
इस घटनाक्रम को पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) और भाकपा (माओवादी) की तेलंगाना राज्य समिति के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
तेलंगाना पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने पीएलजीए के “हथियारों और गोला-बारूद के भंडार” भी सौंप दिए।
विज्ञप्ति के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में संगठन का एक अन्य वरिष्ठ कमांडर कंकनला राजी रेड्डी उर्फ वेंकटेश भी शामिल है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि मडवी हिडमा का समकालीन बदसे भाकपा (माओवादी) का दूसरे सबसे महत्वपूर्ण आदिवासी कमांडर है।
इसमें कहा गया है कि बदसे 2003 में भाकपा-माले पीडब्ल्यूजी (पीपुल्स वॉर ग्रुप) में शामिल हुआ था और उसे सैन्य रणनीति बनाने, विस्फोटक तैयार करने, आग्नेयास्त्र निर्माण तथा आईईडी लगाने में महारत हासिल है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि बदसे भाकपा (माओवादी) का एक खूंखार रणनीतिकार है और उसने कई बड़े हमलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें 2013 का झीरम घाटी हमला भी शामिल है, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री महेंद्र कर्मा और अन्य कांग्रेस नेताओं की मौत हो गई थी।
इसमें कहा गया है कि बदसे पर 75 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
विज्ञप्ति के मुताबिक, राजी रेड्डी ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर कर्रेगुट्टालू की पहाड़ियों में एक गुरिल्ला अड्डा स्थापित करने और वहां मौजूद लड़ाकों को रसद सहायता मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाई थी।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले 20 माओवादियों को राज्य और केंद्र की राहत एवं पुनर्वास नीति के तहत कुल 1.82 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
इसमें कहा गया है कि तेलंगाना राज्य पुलिस विभाग ने आश्वासन दिया है कि सभी पात्र लाभ जल्द से जल्द प्रदान किए जाएंगे, जिससे आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को सम्मान और सुरक्षा के साथ नये सिरे से जीवन जीने में मदद मिलेगी।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शिवधर रेड्डी ने कहा कि आज की तारीख में भाकपा (माओवादी) से जुड़े तेलंगाना के 17 मूल निवासी अब भी भूमिगत हैं।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना पुलिस भाकपा (माओवादी) को राज्य के नये क्षेत्रों में पैठ जमाने की अनुमति नहीं देगी और अवैध हथियारों के साथ घूमने वाले या गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।
भाषा पारुल