बंगाल चुनाव : ममता नीत तृणमूल को हराने के लिए शाह के नेतृत्प में भाजपा ने ताकत झोंकी
धीरज सुरेश
- 03 Jan 2026, 07:54 PM
- Updated: 07:54 PM
नयी दिल्ली, तीन जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनावों में जोरदार मुकाबला होने की उम्मीद है। राज्य की मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने के लिए पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के प्रत्यक्ष नेतृत्व में बूथ स्तर से लेकर केंद्रीय वॉर रूम तक अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
पिछले विधानसभा चुनावों में भाजपा की सीट की संख्या तीन से बढ़कर 77 हो गई और वह मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी। हालांकि, कई भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी को इस बार पूरा विश्वास है कि वह जमीनी स्तर पर अपने अभियान, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण हुए उथल-पुथल और तृणमूल में अंदरुनी खींचतान से उभरी कमजोरियों का फायदा उठाकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 15 साल के शासन को समाप्त करने में सफल होगी।
अमित शाह ने 30 दिसंबर को दावा किया कि भाजपा आगामी चुनावों में दो-तिहाई बहुमत से जीत हासिल करके ममता बनर्जी सरकार को सत्ता से बेदखल कर देगी। चुनावों का माहौल बनाते हुए उन्होंने सत्तारूढ़ तृणमूल पर हमला बोला और भ्रष्टाचार, कुशासन और घुसपैठियों के मुद्दे उठाए।
केंद्रीय गृहमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर चुनावी लाभ के लिए बांग्लादेशियों की घुसपैठ को बढ़ावा देकर राज्य की जनसांख्यिकी को ‘खतरनाक रूप से बदलने’ का आरोप लगाया। उन्होंने वादा किया कि अगर भाजपा सत्ता में आती है तो वह एक मजबूत ‘राष्ट्रीय सुरक्षा ग्रिड’ बनाएगी, जो पश्चिम बंगाल से घुसपैठ को पूरी तरह से समाप्त कर देगी।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने पिछले पांच वर्षों में तृणमूल शासित पश्चिम बंगाल में पैठ बनाने के लिए ‘‘जमीनी स्तर पर काफी काम’’ किया है और चुनावों से पहले एक नई रणनीति के साथ अपने प्रयासों को और आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि शाह पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि भाजपा पश्चिम बंगाल में यह चुनाव बांग्लादेशी घुसपैठ, महिलाओं की सुरक्षा, राजनीतिक हिंसा और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर लड़ेगी।
भाजपा के एक नेता ने कहा, ‘‘पार्टी इस बार बंगाल में जीत हासिल करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। हम सफलता पाने के लिए कई रणनीतियों पर काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह जमीनी स्तर पर चलाए जा रहे सभी अभियानों और अन्य प्रयासों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘विधानसभा चुनावों से पहले ममता बनर्जी पर दबाव बढ़ता जा रहा है, क्योंकि हुमायूं कबीर की ओर से नई पार्टी बनाने के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर दरारें चौड़ी होती जा रही हैं।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हाल ही में हुई मुलाकात ने भी राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
भाजपा नेताओं का मानना है कि कबीर मुस्लिम वोटों को विभाजित करके सत्तारूढ़ तृणमूल की चुनावी संभावनाओं को ‘‘काफी हद तक नुकसान’’ पहुंचाएंगे, क्योंकि कबीर ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी चुनाव लड़ेगी।
तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को आक्रामक रुख अपनाते हुए दावा किया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पांच साल पहले की तुलना में कम से कम एक सीट अधिक जीतेगी।
वर्ष 2021 में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 294-सदस्यीय सदन में 216 सीट हासिल की थी, जो 2016 की तुलना में पांच सीट अधिक थीं। भाजपा को 77 सीट मिली थी, जबकि वाम-कांग्रेस गठबंधन खाता भी नहीं खोल सका था।
भाषा धीरज