भूमि अधिग्रहण नीति में बदलाव की कोई योजना नहीं है: कैबिनेट सचिव
देवेंद्र सुरेश
- 02 Jan 2026, 11:21 PM
- Updated: 11:21 PM
नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) कैबिनेट सचिव टी वी सोमनाथन ने कहा है कि सरकार की अपनी भूमि अधिग्रहण नीति में बदलाव करने की कोई योजना नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन (प्रगति) की 50वीं बैठक के बाद सोमनाथन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 85 लाख करोड़ रुपये की 3,300 से अधिक परियोजनाओं में 7,735 मुद्दे उठाये गये और इनमें से 7,156 का समाधान किया गया।
इस मौके पर विभिन्न मंत्रालयों के कई सचिव भी मौजूद थे।
‘प्रगति’ एक समीक्षा प्रणाली है, जिसका उद्देश्य विभिन्न कारणों से विलंबित परियोजनाओं को गति प्रदान करना है।
सोमनाथन ने कहा कि ‘प्रगति’ में एक बहुस्तरीय तंत्र है, जो निर्णयों के समय पर कार्यान्वयन को सुनिश्चित करता है। परियोजनाओं की निगरानी कैबिनेट सचिवालय द्वारा की जाती है, जबकि योजनाओं और शिकायतों की समीक्षा मंत्रालय स्तर पर, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की निरंतर निगरानी में और अंततः प्रधानमंत्री स्तर पर की जाती है।
सोमनाथन ने कहा कि ‘प्रगति’ के माध्यम से हल किए गए 7,156 मुद्दों में से 35 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण से संबंधित थे, 20 प्रतिशत वन, वन्यजीव और पर्यावरण संबंधी तथा 18 प्रतिशत उपयोग/मार्ग के अधिकार से संबंधित थे और अन्य में कानून व्यवस्था, निर्माण, बिजली उपयोगिता अनुमोदन एवं वित्तीय मुद्दों के कारण देरी हुई थी।
परियोजना में देरी का सबसे बड़ा कारण भूमि अधिग्रहण का मुद्दा बनने के बाद, क्या सरकार अपनी भूमि अधिग्रहण नीति की समीक्षा करने की योजना बना रही है, इस सवाल का जवाब देते हुए कैबिनेट सचिव ने कहा, ‘‘भूमि अधिग्रहण नीति में बदलाव करने की कोई योजना नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि 500 करोड़ रुपये से अधिक की सभी परियोजनाओं की समीक्षा ‘प्रगति’ मंच द्वारा की जाती है, और राज्य इस तंत्र के माध्यम से अपने मुद्दों को हल करने के इच्छुक हैं।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘सभी राज्य, चाहे उनकी राजनीतिक व्यवस्था कैसी भी हो, अपनी परियोजनाओं को पूरा करना चाहते हैं और सभी मुख्य सचिव मुद्दों को सुलझाने में बहुत तत्पर रहे हैं।’’
सोमनाथन ने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’, ‘पीएम जन आरोग्य योजना’, ‘पीएम आवास योजना’, ‘पीएम स्वनिधि योजना’, ‘स्वच्छ भारत मिशन’ जैसी 61 सरकारी योजनाओं और 36 क्षेत्रों में शिकायतों की समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि ‘प्रगति’ योजना के तहत प्रधानमंत्री द्वारा 382 परियोजनाओं की समीक्षा की गई है और इन परियोजनाओं में उठाए गए 3,187 मुद्दों में से 2,958 का समाधान किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री द्वारा समीक्षा की गई इन 382 परियोजनाओं में से 114 सड़कें और राजमार्गों से संबंधित, 109 रेलवे से, 54 बिजली से, 20-20 पेट्रोलियम और कोयला से, 17 आवास और शहरी विकास से और 13 स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से संबंधित थीं।
परिवहन सचिव वी उमाशंकर ने कहा कि नयी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे ‘प्रगति’ के सामने आने वाली सबसे जटिल सड़क परियोजनाओं में से एक थी और कई बाधाओं को दूर करने के बाद इसे मंजूरी दी गई।
कैबिनेट सचिव ने कहा कि ‘प्रगति’ के तहत समीक्षा के बाद औसतन हर कार्यदिवस में एक समस्या का समाधान किया गया।
भाषा देवेंद्र