सरकार ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' से अश्लील सामग्रियां तत्काल हटाने को कहा
प्रेम प्रेम रमण
- 02 Jan 2026, 09:29 PM
- Updated: 09:29 PM
नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) सरकार ने शुक्रवार को अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ को कड़ा नोटिस जारी करते हुए मंच से सभी एआई-जनित अश्लील एवं गैरकानूनी सामग्रियों को तत्काल हटाने का निर्देश दिया।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने कहा कि खासकर 'एक्स' के कृत्रिम मेधा (एआई) ऐप ‘ग्रोक’ के जरिये तैयार की गई आपत्तिजनक सामग्री को तत्काल हटाना होगा। ऐसा नहीं करने पर सोशल मीडिया कंपनी के खिलाफ कानून के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
मंत्रालय ने भारत में एक्स के मुख्य अनुपालन अधिकारी को भेजे नोटिस में कहा है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत निर्धारित वैधानिक ‘जांच-पड़ताल’ दायित्वों का पालन न करने का आरोप है।
इस आदेश के मुताबिक, “एक्स को निर्देश दिया जाता है कि वह लागू कानूनों का उल्लंघन कर पहले से बनाई या प्रसारित की गई सभी सामग्री को बिना किसी देरी के हटाए या उसकी पहुंच को निष्क्रिय करे। यह कार्रवाई आईटी नियम, 2021 में निर्धारित समयसीमा के भीतर सख्ती से सुनिश्चित की जाए, ताकि साक्ष्यों के साथ किसी भी तरह से छेड़छाड़ न हो।”
मंत्रालय ने एक्स से आपत्तिजनक सामग्री, उपयोगकर्ताओं और खातों के खिलाफ कदम उठाने का भी निर्देश दिया है।
अमेरिका स्थित सोशल मीडिया मंच को आदेश जारी होने के 72 घंटे के भीतर एक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) जमा करने के लिए कहा है।
नोटिस में खासकर ‘ग्रोक’ के दुरुपयोग से तैयार अश्लील, नग्न, आपत्तिजनक एवं यौन गतिविधियों को स्पष्ट रूप से दर्शाने वाली सामग्री के होस्टिंग, निर्माण, प्रकाशन, प्रसारण, साझा करने या अपलोड करने पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा गया है।
मंत्रालय ने चेतावनी देते हुए कहा है, "निर्धारित वैधानिक प्रावधानों का पालन न करने को गंभीरता से लिया जाएगा और ऐसा होने पर मंच, उसके जिम्मेदार अधिकारियों तथा कानून का उल्लंघन करने वाले उपयोगकर्ताओं के खिलाफ बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।"
आदेश के मुताबिक, ऐसी स्थिति में कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, आईटी नियमों, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और अन्य लागू कानूनों के तहत की जाएगी।
मंत्रालय ने कहा कि सरकार को समय-समय पर सार्वजनिक विमर्श और संसदीय प्रतिनिधियों से मिली प्रस्तुतियों के माध्यम से यह जानकारी मिली है कि एक्स पर प्रसारित कुछ सामग्री शालीनता और अश्लीलता से जुड़े कानूनों के अनुरूप नहीं है।
इससे पहले राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर ‘ग्रोक’ ऐप का दुरुपयोग कर महिलाओं की अश्लील तस्वीरें बनाए जाने के मामलों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी।
मंत्रालय ने 29 दिसंबर को सोशल मीडिया कंपनियों से अपने अनुपालन ढांचे की तत्काल समीक्षा करने और अश्लील एवं गैरकानूनी सामग्री के खिलाफ कदम उठाने के लिए कहा था। ऐसा न करने पर कानून के अनुरूप कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
भाषा प्रेम प्रेम