आरएसएस प्रमुख भागवत दो-तीन जनवरी को भोपाल में समाज के प्रमुख वर्गों से करेंगे संवाद
ब्रजेन्द्र गोला
- 31 Dec 2026, 10:52 PM
- Updated: 10:52 PM
भोपाल, 31 दिसंबर (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत दो से तीन जनवरी को मध्यप्रदेश के दौरे पर रहेंगे और इस दौरान राजधानी भोपाल में समाज के प्रमुख लोगों, सामाजिक-धार्मिक नेतृत्व, युवा और महिलाओं के साथ संवाद करेंगे। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर भागवत देश के विभिन्न प्रांतों का दौरा कर रहे हैं और उनका भोपाल दौरा इसी का हिस्सा है। संघ की दृष्टि में भोपाल, मध्य भारत प्रान्त का केंद्र है। विगत 10 महीनों में यह मध्यप्रदेश का उनका पांचवां दौरा होगा।
बयान के मुताबिक, भागवत दो जनवरी को युवा संवाद और प्रमुख जन गोष्ठी और तीन जनवरी को सामाजिक सद्भाव बैठक और शक्ति संवाद में शिरकत करेंगे।
आरएसएस के एक पदाधिकारी ने बताया कि इन कार्यक्रमों में भागवत आरएसएस की 100 वर्ष की यात्रा का उल्लेख करने के साथ ही वर्तमान परिस्थितियों पर भी चर्चा करेंगे।
उन्होंने बताया कि अपने इस प्रवास के दौरान सरसंघचालक दो जनवरी को भोपाल में आयोजित प्रान्त स्तर के ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करेंगे, जिसका आयोजन स्थानीय कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि युवा संवाद में प्रान्त के सभी 31 जिलों (शासकीय रचना के 16 जिलों) के ऐसे युवा शामिल हो रहे हैं, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है और उपलब्धियां अर्जित की हैं।
पदाधिकारी ने बताया कि इसी दिन शाम में रविन्द्र भवन के 'हंस ध्वनि सभागार' में 'प्रमुखजन गोष्ठी' का आयोजन है। इस गोष्ठी में भोपाल विभाग से विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय प्रमुखजनों को आमंत्रित किया गया है।
बयान के मुताबिक तीन जनवरी को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में 'सामाजिक सद्भाव बैठक' आयोजित होगी, जिसमें समाज के प्रमुख लोग शामिल होंगे।
इसी दिन शाम में भोपाल की प्रमुख मातृशक्ति के साथ 'शक्ति संवाद' कार्यक्रम आयोजित है।
बयान के मुताबिक, सभी कार्यक्रमों में चयनित लोगों को आमंत्रित किया गया है।
बयान में कहा गया है, ‘‘सरसंघचालक के इस प्रवास से लोगों को संघ के बारे में तथ्यात्मक और वास्तविक जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही देश-समाज के निर्माण में हमारी क्या भूमिका हो सकती है, इस बिंदु पर लोगों का मार्गदर्शन भी मिलेगा।’’
भाषा ब्रजेन्द्र