उत्तरी सीमाओं पर स्थिति स्थिर बनी हुई है, लेकिन संवेदनशील है: रक्षा मंत्रालय
देवेंद्र माधव
- 31 Dec 2026, 10:28 PM
- Updated: 10:28 PM
नयी दिल्ली, 31 दिसंबर (भाषा) रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि देश की उत्तरी सीमाओं पर स्थिति स्थिर लेकिन संवेदनशील बनी हुई है। उसने यह भी स्पष्ट किया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के सभी क्षेत्रों में भारतीय सेना की तैनाती ‘‘मजबूत, सुव्यवस्थित’’ है और किसी भी ‘‘उभरती हुई आकस्मिक स्थिति’’ से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा, भारत और चीन के बीच राजनीतिक, राजनयिक और सैन्य स्तर पर द्विपक्षीय बातचीत ने उत्तरी सीमाओं पर ‘‘सकारात्मक प्रगति और स्थिरता’’ को बढ़ावा दिया है।
मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी किया, जिसमें बीते वर्ष की घटनाओं और उपलब्धियों का विश्लेषण शामिल था।
इसमें उत्तरी मोर्चे पर स्थिति और एलएसी के साथ दोनों पक्षों से सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया के बाद भारत-चीन संबंधों की स्थिति का भी उल्लेख किया गया है।
इसमें कहा गया है, ‘‘2024 में डेपसांग और डेमचोक को लेकर हुए समझौते के बाद, वर्ष 2025 में उत्तरी सीमाओं के विपरीत और पारंपरिक प्रशिक्षण क्षेत्रों दोनों में पीएलए की तैनाती के स्तर में कमी देखी गई।’’
बयान में कहा गया है, ‘‘पीपीएलए (चीन की जन मुक्ति सेना) ने उत्तरी सीमाओं के सामने सामरिक और प्रशिक्षण क्षेत्रों में प्रत्येक स्थान पर संयुक्त हथियार ब्रिगेड के आकार की 10-10 यूनिट तैनात रखीं।”
मंत्रालय ने कहा कि एलएसी के साथ सभी क्षेत्रों में भारतीय सेना की तैनाती ‘‘मजबूत, सुव्यवस्थित और किसी भी उभरती हुई आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार’’ है।
बयान में कहा गया है कि नयी पीढ़ी के उपकरणों की तैनाती और उत्तरी सीमाओं पर रुद्र ब्रिगेड, दिव्यास्त्र बैटरी और भैरव बटालियन जैसे नवगठित बलों की तैनाती से देश की रक्षा तैयारियों को बढ़ाया गया है।
इसमें कहा गया है, ‘‘उत्तरी सीमाओं पर भी सभी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, संपर्क और आवास व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है।’’
मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारतीय सेना के अथक प्रयासों के कारण जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
इसमें कहा गया है कि लोगों ने विकास का मार्ग चुना है और वे सरकार और भारतीय सेना द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं में बड़ी संख्या में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
बयान में कहा गया है कि हिंसा के स्तर में कमी आई है, विरोध प्रदर्शन कम हुए हैं और पथराव की कोई घटना नहीं हुई है।
भाषा देवेंद्र